क्षेत्र के ग्राम अरूहा में शनिवार की सुबह नहर
किनारे कोई अभागिन मां अपना नवजात शिशु फेंक गई थी। नहर किनारे उपले पाथने
गई महिला को वह बच्चा पड़ा मिल गया। महिला ने उसे लेकर उसका डाक्टरी
परीक्षण कराया। बच्चे को देखने वालों का पूरे दिन उसके दिन तांता लगा रहा।
ग्राम
अरूहा निवासी जगदीश चंद्र सक्सेना की पत्नी शीतला देवी शनिवार की सुबह
करीब साढ़े छह बजे नहर के किनारे उपले पाथने गई थी। इसी दौरान गांव के ही
माखनलाल शाक्य का बेटा अभिषेक घूमते हुए नहर किनारे पहुंच गया। अचानक उसकी
नजर नहर किनारे झाड़ियों के पास से किसी बच्चे के रोने की आवाज सुनाई पड़ी।
जब उसने उस ओर जाकर देखा तो उसकी चीख निकल गई। अभिषेक की चीख सुनकर पास
में ही उपले पाथ रही महिला दौड़कर उसके पास पहुंची और उससे चीख का कारण
पूछा। उसने झाड़ियों में पड़े बच्चे की तरफ इशारा कर दिया। कपड़ों में
लिपटे नवजात शिशु को देखकर पहले तो वह अचंभित रह गई।
बाद में उसने नवजात को
गोद में उठा लिया और उसे घर ले आई। नहर किनारे नवजात शिशु मिलने की
जानकारी होते ही लोगों की भीड़ जुट गई। गांव के जनवेद शाक्य ने चपुन्ना
चौकी पुलिस को और 108 पर फोन कर एंबुलेंस को सूचना दी। सूचना के दो घंटे
बाद एंबुलेंस पहुंची और फिर शीतला देवी ने बच्चे को सीएचसी हसेरन ले जाकर
उपचार कराया।
इसके बाद बच्चे को घर ले आई। महिला के दो पुत्र व तीन
पुत्रियां पहले से ही हैं। उसने कहा कि वह बच्चे की पूरी तरह देखभाल कर उसे
पालेगी।