किसानों को कर्जमाफी की जानकारी देते एडीओ सहकारिता मनोज गुप्ता।
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किसान सेवा सहकारी समितियों का दो हजार किसानों का 2.73 करोड़ का कर्जा माफ कर दिया गया है। कोऑपरेटिव बैंक के निर्देश पर क्षेत्र की चार सहकारी समितियों ने बकायेदार किसानों की सूची तैयार कर अनुमोदन के लिए जिलाधिकारी के पास भेज दी है। 31 मार्च 2016 तक का फसली ऋण माफ कर दिया गया है।
प्रदेश सरकार की घोषणा के अनुसार, सहकारी समितियों पर बकायेदार किसानों की सूची पहले ही तैयार कर ली गई थी। शासन से गाइड लाइन मिलते ही इसमें ऐसे किसानों को चिह्नित किया गया, जो कर्जमाफी के दायरे में आते थे।
एडीओ (सहकारिता) मनोज कुमार गुप्ता ने बताया कि किसान सेवा सहकारी समिति छिबरामऊ पश्चिमी व पूर्वी, प्रेमपुर व सिकंदरपुर में सचिवों ने बकायेदार किसानों की सूची तैयार की थी। गाइड लाइन के अनुसार 31 मार्च 2016 तक के फसली ऋण को पूरी तरह माफ कर दिया गया। जिन किसानों ने आधा ऋण जमा कर दिया था और आधा शेष रह गया था। ऐसे किसानों का आधा शेष ऋण भी माफ कर दिया गया है। सभी सचिवों से सूची लेकर अनुमोदन के लिए जिलाधिकारी के पास भेज दी गई है। यदि गाइड लाइन में कोई बदलाव हुआ तो इस सूची में फेरबदल भी किया जा सकता है। फिलहाल सहकारी समितियों में कर्जमाफी होने से क्षेत्र का किसान काफी खुश है।
सहकारी समिति पूर्वी के अध्यक्ष महावीर सिंह यादव ने बताया कि शासन के नियमानुसार बकायेदार किसान को कर्जमाफी का लाभ दिलाया गया है। इसमें कोई पक्षपात या भेदभाव नहीं किया गया।