जिले में ब्लाक प्रमुख की आठों सीटों पर सपा ने कब्जा
कर विपक्ष का सूपड़ा साफ कर दिया है। पिछले चुनाव में सात सीटें जीतने
वाली बसपा चारों खाने चित्त हो गई। भाजपा व कांग्रेस बेदम हो गई। जातीय
फैक्टर से देखें तो सपा के टिकट पर जीते आठ में से छह ब्लाक प्रमुख यादव
हैं, जबकि दो आरक्षित सीटों पर अनुसूचित जाति के हैं।
ज्ञात हो कि पांच
फरवरी को नामांकन वाले दिन एकमात्र पर्चा दाखिल होने पर गुगरापुर में रूपा
दोहरे, छिबरामऊ में बृजकिशोर सिंह यादव और तालग्राम में संध्या यादव
निर्विरोध ब्लाक प्रमुख बन गई थीं। वहीं छह फरवरी को रूठों को मनाया गया।
इससे नाम वापसी के बाद उमर्दा में इंद्रेश यादव, हसेरन में उमाशंकर बेरिया
निर्विरोध ब्लाक प्रमुख बने।
वहीं सात फरवरी को मतदान के बाद कन्नौज में
वीरपाल यादव उर्फ नीलू, जलालाबाद में चंद्रशेखर यादव और सौरिख में नीलम
यादव ब्लाक प्रमुख निर्वाचित हुईं। जीत के बाद सत्ता की हनक दिखाते हुए
सपाइयों ने धारा 144 और चुनाव आचार संहिता की धज्जियां उड़ाते हुए आतिशबाजी
दागी, सभा की और जुलूस निकालकर शक्ति प्रदर्शन किया।
उधर, ब्लाक प्रमुख
चुनाव को लेकर कन्नौज सदर विकास खंड में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच
मतदान हुआ। प्रशासन ने चुनाव को लेकर सुबह ही कन्नौज-सरायमीरा मार्ग का
आवागमन बैरीकेडिंग लगाकर बंद करा दिया था। इसके अलावा कन्नौज-सरायमीरा के
बीच चलने वाले वाहनों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया।
इसके अलावा ब्लाक
मुख्यालय जा रहे सत्ता पक्ष व विपक्ष के नेताओं को दबाव बनाकर लोहिया
तिराहे पर ही रोक दिया गया। मतदान करने पहुंचे क्षेत्र पंचायत सदस्यों के
मोबाइल को गेट पर ही जब्त कर अंदर भेजा गया। कन्नौज विकास खंड में चुनाव को
लेकर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था का तगड़ा इंतजाम किया था।
कन्नौज रोड पर
लोहिया तिराहे पर पुलिस ने बैरीकेटिंग लगाकर सुबह ग्यारह बजे के बाद
रास्ता बंद कर दिया। ब्लाक मुख्यालय गेट पर सीओ सुरेंद्र पाल सिंह, दरोगा
रजनेश यादव समेत पुलिस फोर्स जांच के बाद ही बीडीसी सदस्यों को अंदर जाने
दिया।
ब्लाक मुख्यालय के अंदर बनाए गए बूथ पर एसडीएम तिर्वा, नायब
तहसीलदार रामकरन वर्मा जायजा लेते रहे। मतदान कक्ष में एआरओ राजेश बघेल,
डिप्टी कमिश्नर सेल टेक्स व मतदान टीम में कृषि विभाग के विषय वस्तु
विशेषज्ञ जितेंद्र सिंह तोमर, सीडीपीओ रीता निगम ने जांच के बाद ही मतदान
करने की अनुमति प्रदान की।
सदर विकास खंड में 62 पुरुष और 37 महिला बीडीसी
क्षेत्र पंचायत सदस्य हैं। रविवार को डाले गए वोटों में वोटरों में
जागरूकता दिखी। शाम तीन बजे तक सौ फीसदी मतदान हुआ। हालांकि, क्षेत्र
पंचायत सदस्यों को लाने व छोड़ने की नेताओं ने पूरी व्यवस्था मुहैया कराई।
उनको वाहनों से पहुंचाया गया। हालांकि, दोनों प्रत्याशियों को अपने-अपने
वोट से ही संतोष करना पड़ा।