ग्राम प्रधान पद पर नामांकन करने के लिए आए उम्मीदवारों के साथ सैकड़ों की
संख्या में उनके समर्थक और ग्रामीण पहुंचे। उनमें खासा जोश दिखा। नामांकन
के दौरान सड़कों पर भीड़ का रेला देखा गया। सोमवार को सुबह आठ बजे से ही
सदर ब्लॉक परिसर में नामांकन शुरू हो गए थे।
नामांकन करने से पहले
उम्मीदवार गांव में एक जगह एकत्र हुए। उन्होंने पहले से ही
ट्रैक्टर-ट्रालियों व चौपहिया वाहनों की व्यवस्था कर रखी थी। एक दिन पहले
ही ग्रामीणों से संपर्क कर नामांकन जुलूस में चलने को कहा। सुबह होते ही
निर्धारित स्थान पर ग्रामीण आए और वाहनों से कन्नौज के लिए चल दिए।
तिर्वा
मार्ग से आने वाले वालों को गोलकुआं के पास रोक दिया गया। यहां से सभी
ग्रामीण अपने प्रधान पद के उम्मीदवार के साथ नारेबाजी करते हुए चल दिए।
पूरे दिन जुलूस निकालकर नारेबाजी हुई। समर्थकों में गजब का उत्साह देखा
गया।जीटी रोड से भी कई वाहनों से जुलूस आए।
हालांकि, ब्लॉक परिसर में प्रत्याशी व प्रस्तावकों को ही अंदर घुसने दिया
गया। भीड़ को बाहर ही रखा गया, पर कुछ असरदार लोग अंदर जाने में कामयाब
रहे। बाद में ड्यूटी पर मुस्तैद पुलिसकर्मियों ने परिसर के अंदर बैठे
समर्थकों व प्रस्तावकों को बाहर किया। लाइन के पास बेवजह खड़े कुछ लोगों को
बाहर निकाल दिया गया।
अफसरों के मुताबिक, चुनाव व शहर में हुए सांप्रदायिक
बवाल को लेकर धारा 144 भी लगी हुई है। आचार संहिता में जुलूस निकालकर
प्रत्याशी व उनके समर्थकों ने खूब नियमों का उल्लंघन किया, पर रोकने वाला
कोई भी अधिकारी हिम्मत नहीं जुटा सका।
उधर, सोमवार को दोपहर जब ब्लॉक परिसर
में नामांकन चल रहे थे, उस दौरान अंदर कई लोग बैठे थे। उनको पुलिस ने बाहर
कर दिया। पुलिस का कहना था कि नामांकन हो गया है, तो उनके समर्थक या
प्रस्तावक बाहर चले जाएं। उधर, नामांकन करने आए प्रत्याशियों के साथ आई
भीड़ से कई बार तिर्वा मार्ग और जीटी रोड पर जाम लगा।
रेलवे क्रासिंग बंद
होने से स्थिति कोढ़ में खाज वाली हो गई। यातायात पुलिसकर्मियों को भी जाम
खुलवाने व वाहनों को निकलवाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। ब्लॉक वाले मार्ग
की हालत वैसे भी खस्ता थी, वहां लोगों को आने-जाने में दिक्कतें हुईं।
यहां भी कई बार जाम लगा। भीड़ से दोपहिया व चौपहिया वाहनों को निकलने में
काफी समय लगा।