गर्मी के चलते गन्ना का जूस पीते राहगीर
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इस मौसम में रविवार सबसे गर्म रहा। 44.4 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ पिछले पांच साल का रिकार्ड ध्वस्त कर दिया। न्यूनतम तापमान 26.8 डिग्री सेल्सियस रहा। तेज उमस व धूप ने लोगों को व्याकुल कर दिया। दोपहर बारह बजे के बाद लोग रोडवेज बसों में यात्रा करने से कतराते रहे। पैसेंजर ट्रेनों का हाल इससे भी बुरा रहा, अधिक सवारियों के चलते लोगों का दम घुटता नजर आया। हालांकि अवकाश का दिन होने के कारण सरकारी कर्मचारियों ने राहत की सांस ली। वह धूप से बचने के लिए घरों से नहीं निकले। पेय पदार्थों की दुकानों पर भीड़ रही।
मई में लगातार गर्मी बढ़ने से आम जन मानस से लेकर पशु-पक्षी तक बेहाल हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के तालाबों में धूल भरे गुबार उड़ रहे हैं। जानवरों को पानी पिलाने के लिए नलकूपों का सहारा लेना पड़ रहा है। तापमान में लगातार बढ़ोतरी होने से किसानों की भी हालत पतली हो रही है। मक्का की फसल में सबसे अधिक सिंचाई की आवश्यकता होती है। इस गर्मी में फसल को सूखने से बचाने के लिए हर दूसरे दिन पानी लगाना पड़ रहा है।
नेशनल हाईवे से लेकर तिर्वा-कन्नौज हाईवे पर दोपहर को इक्का-दुक्का वाहन गुजरे। अधिक धूप के चलते लोगों ने शाम के वक्त ही चलना मुनासिब समझा। डा. रवींद्र शाहू ने कहा कि तापमान बढ़ रहा है। इससे सभी को बचाव करने की जरूरत है। घर से भरपेट भोजन करके निकले। इससे लू की चपेट में नहीं आएंगे। कहा कि तेज धूप में दुपहिया वाहन सवार सफर करने के बाद कुछ देर रुककर ही पेयजल पदार्थों का सेवन करें। तरबूज व खरबूजा खाने में विशेष सावधानियां बरतें। इन फलों को घर पर ले जाकर कुछ देर ठंडे पानी में रखने के बाद ही खाएं।
17 को बारिश होने की उम्मीद
कन्नौज। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डा. अनिरुद्धभन दुबे ने बताया कि रविवार को तापमान सामान्य से चार डिग्री अधिक व न्यूनतम से दो डिग्री से कम रहा है। पछुआ हवाएं व लू ने लोगों को परेशान किया। 17 को कुछ क्षेत्रों में बारिश के आसार हैं।