क्षेत्र में बेसिक शिक्षा का कोई पुरसाहाल नहीं है। कहीं विद्यालय समय से खुलता नहीं है तो कहीं बच्चे पढ़ने नहीं आते हैं। ग्रामीणों ने इस मामले में शिक्षा अधिकारियों से व्यवस्था में सुधार की मांग की है।
सौरिख ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय बिजनौरा में शनिवार को प्रधानाध्यापिका गीता गुप्ता के कक्ष में ताला लटक रहा था। सहायक अध्यापिका संजू यादव स्कूल की रैंप पर तीन बच्चों के साथ स्कूल खुलने के इंतजार में खड़ी थी। ग्रामीणों ने बताया कि यह विद्यालय न तो कभी समय पर खुलता है और न ही समय पर बंद होता है। विद्यालय में प्रधानाध्यापिका, बसंती, साधना प्रजापति व संजू यादव शिक्षिका के रूप में तैनात हैं। गांव के राजीव यादव, संजेश यादव, आलोक सिंह, अवनीश सिंह, दलवीर सिंह, पदम सिंह, मानसिंह, रामऔतार सिंह, देवेंद्र सिंह, राजेश आदि ने मामले की जांच कर शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग की है।
उधर, प्राथमिक विद्यालय किर्राना का हाल भी खराब है। विद्यालय में कोई भी छात्र पढ़ने नहीं आता है। चुनाव से पहले यहां तैनात अध्यापकों का ट्रांसफर कर दिया गया। यहां 32 बच्चे पंजीकृत हैं। 15 दिन तक विद्यालय बंद पड़ा रहा, जब ग्राम प्रधान नरेंद्र सिंह यादव ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अखंड प्रताप सिंह से इसकी शिकायत की तब बीएसए ने यहां एक शिक्षक को अटैच किया। अब शिक्षक प्रतिदिन स्कूल आकर खोल देता है, लेकिन कोई भी बच्चा पढ़ने नहीं आता। इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी नागेंद्र चौधरी ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय किर्राना के शिक्षक की ड्यूटी बीएलओ में लगी है। वहीं प्राथमिक विद्यालय बिजनौरा के मामले की जांच कराई जाएगी। दोषियों पर कार्रवाई होगी।
दो संकुल प्रभारियों को किया कार्यमुक्त
सौरिख। विकास खंड क्षेत्र की दो न्याय पंचायतों के संकुल प्रभारियों के कार्य क्षेत्र बदल दिए गए हैं। खंड शिक्षा अधिकारी नागेंद्र चौधरी ने बताया कि न्याय पंचायत किशईजगदीशपुर के संकुल प्रभारी सुखदेव यादव को कार्यमुक्त कर उनके स्थान पर पूर्व माध्यमिक विद्यालय टड़ा रायपुर के वरिष्ठ शिक्षक राधाकृष्ण को और संकुल प्रभारी संदीप कुमार यादव को कार्यमुक्त कर उनके स्थान पर पूर्व माध्यमिक विद्यालय नगला अंगद के प्रधानाध्यापक रामरतन को संकुल प्रभारी बनाया गया है।
वर्जन
गर्मी के मौसम को देखते हुए जनपद के सभी स्कूलों का समय घटा दिया गया है। शिक्षकों को नियमित रूप से स्कूल खोलने के निर्देश दिए गए हैं। यदि बच्चे नहीं आ रहे हैं तो उनके अभिभावक के पास जाकर अध्यापक संपर्क करेंगे। किसी भी दशा में कोई भी स्कूल बंद नहीं रहेगा। - अखंड प्रताप सिंह-बीएसए कन्नौज।