तालग्राम क्षेत्र के गांव खानपुर में अचानक रविवार की
तड़के तीन बजे आग लग गई। इससे पांच घरों में रखी लाखों रुपये की संपत्ति
जलकर राख हो गई। वहीं तीन मवेशी जिंदा जल गए। मौके पर पहुंची पुलिस व
ग्रामीणों ने कई घंटे तक आग बुझाने का प्रयास किया। राजस्व विभाग की टीम ने
गांव में पहुंचकर क्षति का जायजा लिया है।
आग की घटना से पूरे गांव में
अफरातफरी का माहौल रहा। खानपुर के शाबिर अली पुत्र नत्थू अपनी पत्नी
चंदा बेगम के साथ शनिवार की सुबह फर्रुखाबाद में दवा लेने गए थे। रात में
घर पर उनके बच्चे सलमान, शबीना, साजिद, शाकिर मौजूद थे। रविवार की तड़के
तीन बजे बच्चे घर में सो रहे थे। तभी अचानक छप्पर में आग लग गई।
इसी बीच
सलमान जाग गया और शोर मचाते हुए शबीना व साजिद को घर से बाहर निकाला। आग की
लपटों ने चंद मिनटों में ही पड़ोसी सिराज अली, आफताब अली, शहजाद अली,
इमरान अली के मकानों को भी अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें देख अरविंद,
संतराम, अखिलेश आदि शोर मचाते हुए दौड़े।
पुलिस को सूचना दी और ग्रामीणों
की मदद से आग बुझाने में जुट गए। गांव किनारे लगे सबमर्सिबल और नलकूप चालू
किए गए। जीन पाइप से पानी लाकर आग बुझाने की कोशिश शुरू हुई। सूचना पाकर
एसओ मो. इमरान खां, बेहटा चौकी प्रभारी सुरेश चंद्र यादव मौके पर पहुंचे
और फायर ब्रिगेड की गाड़ी बुलाई, पर वह गांव के बाहर संकरी गली में फंस गई।
काफी प्रयास के बावजूद दमकल गाड़ी मौके तक नहीं पहुंच सकी। उधर, ग्रामीण
दो घंटे बाद आग बुझा सके। अग्निकांड में शाबिर अली की तीन बकरियां, 60 हजार
रुपये की नगदी, साइकिल, नौ पैकेट गेहूं, कपड़े आदि करीब तीन लाख रुपये
कीमत की संपत्ति जलकर राख हो गई।
वहीं सिराज अली के घर में करीब डेढ़ लाख
रुपये, आफताब अली के घर में 50 हजार रुपये, शहजाद व इमरान के घर में डेढ़
लाख रुपये का सामान जलकर राख हुआ। दोनों की कुछ महीने पहले ही शादी हुई
थी, जिसमें दहेज में मिला सारा सामान जलकर नष्ट हो गया। पूर्व प्रधान महेश
चंद्र पाल ने अफसरों को मामले से अवगत कराया।
पीड़ित परिवारों की आर्थिक
मदद करने की गुहार लगाई। मौके पर पहुंचे कानूनगो गया सिंह राजपूत, लेखपाल
देवेंद्र तिवारी ने नुकसान का जायजा लिया और पीड़ितों को आर्थिक मदद दिलाने
का भरोसा दिलाया।