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रसाोर्ई गैस लीकेज से लगी आग, वृद्धा की मौत

Fri, 26 May 2017 12:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूराो/कन्नौज
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मृतका - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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हसेरन थानांतर्गत ग्राम सकतपुर में खाना बनाते समय गैस सिलेंडर का पाइप लीकेज हो जाने से आग लग गई। आग की चपेट में आकर वृद्धा की मौत हो गई, जबकि उसके पुत्र और नातिन गंभीर रूप से झुलस गए। आग लगने से गृहस्थी का सामान जलकर राख हो गया। गंभीर रूप से घायल चाचा-भतीजी को हैलट अस्पताल कानपुर में भर्ती कराया गया है।
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बुधवार की रात करीब नौ बजे ग्राम सकतपुर निवासी दिवारीलाल राठौर की पत्नी रामवती (70), अपनी नातिन रजनी (16) की सहायता से घर के अंदर कमरे में रखे गैस चूल्हे पर खाना बना रही थी। रजनी ने जैसे ही चूल्हा जलाने के लिए माचिस की तीली जलाई, तभी अचानक लीकेज गैस पाइप ने आग पकड़ ली। जब तक वह दोनों कुछ समझ पाती, आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और दोनों आग की लपटों के बीच घिर गईं। उन दोनों की चीखपुकार सुनकर पुत्र अवधेश उन्हें बचाने के कमरे में घुस गया और किसी तरह दोनों को बाहर निकाला। वह भी उन्हें बचाने के प्रयास में झुलस गया।

ग्रामीणों ने आग बुझाने का प्रयास किया गया। पूर्व प्रधान विश्राम सिंह पाल ने यूपी 100 नंबर पर घटना की सूचना पुलिस को दी। सूचना के करीब डेढ़ घंटे बाद एंबुलेंस आईं, तब उससे तीनों घायलों को मेडिकल कालेज तिर्वा ले जाया गया। तीनों की हालत गंभीर देख डाक्टरों ने उन्हें हैलट अस्पताल कानपुर के लिए रेफर कर दिया। उपचार के लिए ले जाते समय रामवती ने रास्ते में बिल्हौर के पास दम तोड़ दिया। काफी इंतजार के बाद चौकी प्रभारी दीपक कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने शव का पंचनामा भरवाकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
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उधर, आग की चपेट में आकर गृहस्थी का सभी सामान जलकर राख हो गया। अग्निकांड की सूचना पर तिर्वा तहसीलदार ऋषिकांत राजवंशी, राजस्व निरीक्षक नूर मोहम्मद, लेखपाल विजय पाल मौके पर पहुंचे और आग से हुई क्षति का जायजा लिया। प्रधान प्रतिनिधि प्रवीन दुबे ने अग्नि पीड़ित को मुख्यमंत्री राहत कोष से आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की।

एक दिन पहले ही आया था गैस सिलेंडर
ग्राम सकतपुर निवासी दिवारीलाल राठौर के परिजनों ने बताया कि घटना से एक दिन पहले ही एजेंसी से गैस सिलेंडर लाया गया था। गैस सिलेंडर से लीकेज के बारे में किसी को जानकारी नहीं थी। अशोक ने बताया कि उसकी भतीजी रजनी ने जैसे ही चूल्हा जलाने के लिए माचिस की तीली जलाई, सिलेंडर में आग लग गई। वह और उसकी मां रामवती जब तक कुछ समझ पाते तब तक वह आग की लपटों के बीच घिर चुकी थीं।
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