समाजवादी पार्टी के जिला पंचायत सदस्य समेत तीन लोगों के खिलाफ सदर कोतवाली में वन विभाग ने सरकारी लकड़ी चोरी करने का मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने लकड़ी लादते समय ट्रैक्टर कब्जे में लेकर चालक को गिरफ्तार कर लिया। जबकि सपा नेता भागने में सफल रहे। उधर सपाइयों ने कोतवाल पर झूठे केस में फंसाने का आरोप लगाया है।
सदर कोतवाली में वन रक्षक अशोक कुमार श्रीवास्तव ने एफआईआर लिखाई है। इसमें कहा गया है कि मंडी समिति के सामने जीटी रोड किनारे यूकेलिप्टस का पेड़ खड़ा था। शनिवार रात 9:30 बजे घना कोहरा था। इसी दौरान सपा के जिला पंचायत सदस्य नेम सिंह यादव, सपा नेता उमेश पाल और ट्रैक्टर चालक प्रमोद कुमार ने पेड़ काट डाला।
इसके बाद सरकारी लकड़ी को ट्रैक्टर ट्राली में लादने लगे। तभी सूचना पाकर विभाग ने घटना की जानकारी कोतवाली पुलिस को दी। कोतवाल भुल्लन यादव ने बताया कि वन रक्षक की शिकायत पर जब उप निरीक्षक शेख अहमद, सरायमीरा चौकी प्रभारी होरीलाल, वन दारोगा महादेव व राकेश बाबू पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे तो ट्रैक्टर में लकड़ी लादी जा रही थी।
पुलिस व वन विभाग की टीम को देखकर जिला पंचायत सदस्य नेम सिंह व उमेश यादव भाग निकले। वहीं पुलिस ने ट्रैक्टर चालक प्रमोद को पकड़ लिया। ट्रैक्टर ट्राली को भी काटी गई लकड़ी समेत कब्जे में लेकर कोतवाली में खड़ा कराया गया है। उन्होंने कहा कि सरकारी लकड़ी काटकर चोरी करने के मामले में नामजद अभियुक्तों को जल्द गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
एडीएम से शिकायत पर जागा वन विभाग
उप जिलाधिकारी सदर सुनील कुमार शुक्ला ने बताया कि मंडी के बाहर सरकारी पेड़ को काटकर लादते समय किसी ने मामले की शिकायत एडीएम रमेश चंद्र यादव से की। एडीएम ने तत्काल उन्हें मामले की छानबीन कराकर कार्रवाई कराने की जिम्मेदारी सौंपी। उन्होंने तत्काल कोतवाल व वन विभाग को मौके पर पहुंचने को कहा। इसी आधार पर जब पुलिस व वन विभाग की टीम पहुंची तो शिकायत सही पाई गई।
बगैर जांच किए पुलिस ने लिखा मुकदमा
सपा के जिला पंचायत सदस्य नेम सिंह यादव ने कहा कि शनिवार शाम पांच बजे उनका ट्रैक्टर ड्राइवर प्रमोद घर से आलू लादने के लिए निकला था। सरायमीरा मंडी समिति के पास कुछ अज्ञात लोगों ने जलाने वाली लकड़ी लादने के लिए भाड़े का लालच देकर ट्र्ैक्टर पर लकड़ी लदवाई।
इसी बीच पुलिस की गाड़ी मौके पर पहुंच गई और ट्रैक्टर का ड्राइवर समेत थाने में बंद कर दिया। इस मामले में पुलिस ने बगैर जांच किए ही उनके और सपा नेता उमेश पाल के खिलाफ भी मुकदमा लिखा है। वह इसकी शिकायत पुलिस के आला अधिकारियों और लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से करेंगे।