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साथियों पर कार्रवाई से भड़के अधिवक्ता

Mon, 29 Feb 2016 11:45 PM IST
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
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पुलिस-प्रशासन द्वारा वकीलों के खिलाफ कार्रवाई और बेवजह परेशान करने से अधिवक्ताओं में रोष फैल गया। सोमवार की सुबह तहसील परिसर में खफा वकीलों ने सीओ का घेराव कर नारेबाजी करते हुए पुलिस प्रशासन का पुतला फूंका।
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साथी वकील के घर देर रात पुलिस द्वारा दबिश देने और सौरिख के एक वकील के खिलाफ फर्जी मुकदमा लिखने पर रोष जताते हुए वकीलों ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई व फर्जी मुकदमा को समाप्त करने की सीओ से मांग की। सोमवार सुबह तहसील परिसर में वकीलों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए नारेबाजी की और सीओ वीपी सिंह सोलंकी का घेराव कर उनकी गाड़ी रोक दी।

वकीलों ने नारेबाजी करते हुए पुलिस प्रशासन का पुतला फूंक दिया। वकीलों ने कोतवाली पुलिस द्वारा किसी मुकदमे में वादी बने वकील राममोहन त्रिपाठी के घर देर रात दबिश देकर उन्हें बेवजह परेशान करने पर रोष जताया। वकील राममोहन ने बताया कि वर्ष 09 में उन्होंने धारा 383, 504 और 506 के तहत एक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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पुलिस ने जांच के दौरान आरोपियों के नाम में फेरबदल कर दिया। काफी समय तक कोई कार्रवाई न होने पर वह समझे कि मामले में एफआर लग गई होगी, पर मामला अभी तक चल रहा है। इस पर देर रात पुलिस ने आरोपियों के घर न जाकर उनके घर दबिश दी और परेशान किया।

उधर, सौरिख पुलिस द्वारा वकील कुलदीप निवासी भटकपुरी के खिलाफ झूठा मुकदमा लिखने पर वकील भड़क गए। वकील कुलदीप ने बताया कि पांच फरवरी को उनके घर पर रखे तसले को गांव के ही कुछ लोगों ने चोरी कर लिया। जब उनसे तसला वापस करने की बात कही तो मारपीट करते हुए जानमाल की धमकी दी।

इस मामले में उन्होंने थाने में रिपोर्ट लिखाने को तहरीर दी, पर मामला दर्ज नहीं किया गया। पुलिस ने आरोपियों द्वारा दी गई तहरीर पर उल्टा उनके खिलाफ ही मारपीट का मुकदमा दर्ज कर लिया, जिससे वकीलों में रोष फैल गया। वकीलों ने सीओ से लापरवाह पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने और उन्हें अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाने की बात कही।

वकीलों ने चेतावनी कि यदि दोबारा पुलिस द्वारा वकीलों को बेवजह परेशान किया गया तो वह लोग हड़ताल कर पुलिस प्रशासन के खिलाफ आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
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