कन्नौज/तालग्राम। बारिश के बाद से किशनपुर गांव में बुखार का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है। गांव में बुखार से पीड़ित महिला की शुक्रवार की देर शाम कानपुर में इलाज के दौरान मौत हो गई। शनिवार को शव के घर आते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। गांव में 100 ग्रामीण बीमार हैं। इस गांव में दो बार स्वास्थ्य शिविर के बाद भी ग्रामीणों को बुखार से राहत नहीं मिल रही है। डिप्टी सीएमओ के नेतृत्व में दोपहर में शिविर में मरीजों की जांच की गई।
किशनपुर निवासी सियाराम ने बताया कि पत्नी रामलली (55) को आठ दिन पहले बुखार आया था। निजी चिकित्सकों से इलाज के बाद सीएचसी ले गए। जांच के बाद भी फायदा नहीं हुआ तो राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। वहां से डाॅक्टरों ने कानपुर रेफर कर दिया। इलाज के दौरान रामलली की मौत हो गई। कानपुर में डाॅक्टरों ने डेंगू बुखार बताया था पर स्वास्थ्य महकमा पुष्टि नहीं कर रहा है। उनके दो पुत्र मुनेश और मुकेश व तीन बेटियां हैं। सीएमओ डॉ. विकास चंद्रा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम को गांव भेजा गया है। बुखार से पीड़ित मरीजों की जांच और इलाज किया गया है। महिला की मौत के कारणों की जांच की जा रही है।
फोटो :40: घर पर लेटी बुखार पीड़ित सृष्टि। संवाद
फोटो :41: बीमार मीना देवी। संवाद
गांव में तो कोई दूसरे जिले में करा रहा इलाज
गांव में 15 दिनों से बुखार फैला है और वह ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। हर घर में मरीज चारपाई पर लेटे हुए हैं। कोई गांव में तो कोई दूसरे जिले में इलाज करा रहा है। गांव में कार्तिक (11) पुत्र उपेंद्र, जयसिंह (45), मायादेवी (35), सौरभ (35), कीर्ति (30), सरस्वती (40), मीना देवी (34), सृष्टि (14) समेत गांव में बड़ी संख्या में लोग बुखार से पीड़ित हैं।
इत्रनगरी में पैर पसार रहा डेंगू, आंकड़ों में सिर्फ 71
कन्नौज। मच्छरों के प्रकोप के साथ ही इत्रनगरी में डेंगू ने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। हर घर में कोई न कोई बुखार से पीड़ित है और जांच रिपोर्ट में प्लेटलेट्स कम निकल रही है। बड़ी संख्या में लोग आसपास के जिलों में इलाज करा रहे हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में डेंगू पीड़ितों की संख्या सिर्फ 71 ही है।
बारिश के बाद जगह-जगह जलभराव और गंदगी के कारण मच्छर पनप रहे हैं और लोगों को डंक मारकर बीमार बना रहे हैं। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में लोग बुखार से पीड़ित है और सरकारी से लेकर निजी अस्पतालों में इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार अब तक जिले में 71 लोग डेंगू से पीड़ित हो चुके हैं, जिसमें उमर्दा में सबसे अधिक 33, कन्नौज में 26, जलालाबाद और तालग्राम में दो-दो व अन्य स्थानों पर डेंगू से लोग पीड़ित हुए हैं। सीएमओ डॉ. विकास चंद्रा ने बताया कि मरीज में डेंगू की पुष्टि होने पर मलेरिया विभाग की टीम फॉगिंग और छिड़काव करा रही है।
चार मरीजों की किट जांच में डेंगू की पुष्टि
उमर्दा। कस्बे में कई दिनों से कई लोग बुखार से पीड़ित हैं। कुछ मरीजों की स्थानीय स्तर पर जांच कराई गई, जिसमें चार लोगों की डेंगू की रिपोर्ट पॉजिटिव निकला। परिजन मरीजों को बेहतर इलाजर के लिए स्थानीय अस्पतालों के बजाय कानपुर ले गए। डेंगू से पीड़ित अधिकांश मरीजों का कानपुर के निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है। इससे कस्बे में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मौसम बदलने के साथ ही घर-घर बुखार के मरीज सामने आ रहे हैं। ऐसे में कस्बे में जांच शिविर लगाने के साथ ही मच्छरों की रोकथाम के लिए फॉगिंग और साफ-सफाई अभियान चलाने की जरूरत है। संवाद