पांच सौ रुपये का छुट्टा मलने में देरी पर एक साल के मासूम की जिला अस्पताल लाते समय मौत हो गई। पुत्र की सांसे थमी देख पिता का कलेजा फट सा गया। उसके आंसू निकल पड़े और वह टेंपो में ही चीख चीख कर रो पड़ा।
ठठिया थानाक्षेत्र के दौलतपुर ठठिया गांव निवासी जावेद का एक साल का पुत्र गुलफाम दो दिन से बीमार चल रहा था। हालत में सुधार न होने पर गुरुवार को जावेद 500 रुपये का नोट लेकर झोलाछाप से दवा लेने गया था। झोलाछाप ने पांच सौ का नोट देख दवा न होने की बात कह टरका दिया। इसके बाद जावेद 500 का फुटकर कराने के लिए भटकता रहा।
इधर घर में मासूम गुलफाम की हालत बिगड़ती चली गई। जावेद ने बताया कि बाजार में एक आदमी ने उसे 500 रुपये के बदले 450 रुपये छुट्टा दिए थे। जिस पर सीधे घर आया और गुलफाम को लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ठठिया जा पहुंचा। दोपहर दो बजे के बाद पहुंचने पर उसे अस्पताल में कोई डाक्टर नहीं मिला। जिस पर वह उसे टेंपो से लेकर जिला अस्पताल कन्नौज आ रहा था।
रास्ते में गुलफाम की मौत हो गई। पुत्र की मौत से जावेद फूट-फूट कर टेंपो में ही रोने लगा। स्थानीय लोगों ने उसे ढांढस बंधाकर घर भेज दिया। गुलफाम के दादा नजीर ने बताया कि घर में फुटकर पैसा नहीं था। जिसके चलते उसका बेटा जावेद सुबह से फुटकर के लिए घूम रहा था। उसे फुटकर नहीं मिला।