केंद्रीय राज्य मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि किसानों की उन्नति के बिना देश की तरक्की संभव नहीं है। साथ ही किसानों का जब तक बाजार व उद्यमियों से जुड़ाव नहीं होगा, उसका भला नहीं हो सकता। वह मंगलवार को एफएफडीसी सभागार में उद्यमियों की संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे।
इस दौरान उन्होंने हर्बल गार्डेन में लौंग का पौधा रोपा। मणिपुर से आए प्रशिक्षणार्थियों से मिलकर उनकी हौसलाफजाई की। उधर, उद्यमियों ने उनसे एफएफडीसी को शिक्षा का केंद्र बनाने तथा इसको डीम्ड यूनीवर्सिटी का दर्जा दिलाने की मांग की।
केंद्रीय राज्य मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि किसानों को उबारने के लिए उद्यमियों को आगे आना पड़ेगा। किसान से उद्यमी व उद्यमी से किसान है। उन्होंने कहा कि पहले प्राकृतिक आपदा में 50 फीसदी नुकसान का मानक था, इस प्रतिशत को कम कर दिया गया है।
उन्होंने लेमनग्रास, मैंथा, सहजना की खेती के अलावा गेंदा का आर्गेनिक रंग तथा उससे उत्पादित तेल को भी बाजार में लाने के लिए प्रेरित किया। हल्दी पर भी अनुसंधान एवं विकास करके राइजोम व पत्तियों से तेल निकालने की विधि को भी किसानों तक पहुंचाने का आह्वान किया।
राज्यमंत्री ने सहजन (मोरिंगा) का शोध व विकास कर सुगंधित पौधों में इसका उपयोग करके किसानों तक इसके लाभ पहुंचाने को कहा। बताया कि सहजन को यदि जानवर चारे के रूप में खाते हैं तो 20 से 50 फीसदी तक दूध में वृद्धि होती है। किसान सहजन को बाउंड्री के रूप में भी लगा सकते हैं, जिससे नील गाय (वनरोज) से भी फसल का बचाव किया जा सकता है।
एफएफडीसी के निदेशक शक्ति विनय शुक्ला से कहा कि किसानों को जो भी खेती कराई जाए उसकी प्रजाति के बारे में उनको पहले पूरा प्रशिक्षण दिया जाए। जेएन कपूर ने कहा कि लगातार बढ़ रही एक्साइज ड्यूटी को कम किया जाए।
नीरज मेहरोत्रा ने कहा कि संदल की जगह पर अभी तक कोई विकल्प नहीं खोजा जा सका। हम पुरानी टेक्नोलॉजी पर आज भी कायम है, जिस कारण बड़े बाजारों में हम फेल हो रहे हैं। पुष्पराज जैन पंपी ने कहा कि अलीगढ़ से रोज की वैराइटी का पौधा यदि मिल जाए तो हम लोगों का काफी भला हो सकता है।
केशवदास टंडन ने आलू पर आधारित उद्योग चिप्स व शराब के कारखाने लगाने की बात कही, ताकि आलू किसान मंदी से उबर सके। इसके अलावा कन्नौज शहर में चल रहे इत्र भभके लकड़ी व कंडों के माध्यम से चलाए जा रहे है।
अक्सर बरसात के दिनों में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसलिए गैस लाइन बिछवाए जाने की मांग की गई। केंद्रीय मंत्री संगोष्ठी के अंत में प्रधान निदेशक को निर्देश दिए कि इन तमाम सुझावों को उन तक पहुंचाया जाए।
ताकि उद्यमियों की मदद हो सके और कन्नौज का इत्र बाजार विकसित हो सके। इस मौके पर त्रिलोकीनाथ टंडन, सुनील गुप्त उर्फ मुन्ना भइया, ओमप्रकाश पाठक, प्रशांत मिश्रा बच्चा, फौजान मलिक आदि उद्यमी मौजूद रहे।