लो-वोल्टेज की समस्या से जूझ रहे किसानों का सब्र शुक्रवार को जवाब दे गया। इस पर कई गांवों के सैकड़ों किसानों ने सूखी फसलों को जीटी रोड पर रखकर हाइवे जाम कर दिया। इस दौरान बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मौके पर पहुंचे एसडीएम ने किसानों को समझा-बुझाकर जाम खुलवाया। वहीं तीन घंटे तक चले हंगामे से जीटी रोड पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
हरित किसान मोर्चा कन्नौज उप्र के अध्यक्ष दिग्विजय कटियार की अगुवाई में गांव तारमऊ गढ़ी, आनंदीपुरवा, खुर्रमपुर, तेरामल्लू, टिकुरियनपुरवा, मोचीपुर, तिखवा, रामपुर मुढ़ेरी आदि गांव के सैकड़ों किसान सुबह 10 बजे तारमऊ गढ़ी के सामने जीटी रोड पर पहुंच गए। बिजली की ट्रिपिंग व लो-वोल्टेज की समस्या से निजात न मिलने पर किसानों ने बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए हाइवे जाम कर दिया।
किसानों का कहना था कि ठठिया फीडर से बिजली सप्लाई की जाती है। कम वोल्टेज व लोकल फाल्टों से नलकूप ठप रहते हैं। इससे फसलों की सिंचाई प्रभावित हो रही है। इससे खेतों में तैयार हो रही मक्का व सूरजमुखी की फसलें भी सूख रही हैं। किसानों का कहना था कि 21 अप्रैल को अधिशाषी अभियंता विद्युत को समस्या से अवगत कराया था। उन्होंने 10 दिन में समस्या से निजात दिलाने का भरोसा दिलाया था। लेकिन अभी तक कोई ध्यान नहीं दिया गया।
सूचना पर मानीमऊ पुलिस चौकी प्रभारी सोबरन सिंह सिपाहियों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन किसान आला अफसरों को मौके पर बुलाने व समस्या के जल्द निराकरण की जिद पर अड़े रहे। इसके बाद मौके पर पहुंचे एसडीएम सदर सुनील कुमार शुक्ला, सीओ सदर करनसिंह, कोतवाली प्रभारी भुल्लन यादव ने किसानों को दो दिन के अंदर समस्या समाधान कराने का भरोसा दिया।
इस पर किसानों ने डीएम को संबोधित ज्ञापन उन्हें सौंपकर जाम खोल दिया। इस मौके पर किसान हरीशंकर, राजकुमार, अजय कुमार, लवकुश, बलवीर, ओमसिंह, भीम सिंह, आर्दश, बब्लू, विकास, कमलबाबू, रज्जन सिंह, सोनू, रविकांत मौजूद रहे।
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अफसरों को कोसते रहे किसान
मौसम की बेरूखी के शिकार किसानों के लिए लो-वोल्टेज की समस्या घाव में नमक का काम कर रही है। बिजली समस्या से नलकूप शोपीस साबित हो रहे हैं। बड़े किसान तो जनरेटर के जरिए नलकूप से सिंचाई को विवश हैं। लेकिन मध्यम व छोटे किसानों को फसल की बर्बादी से रातों की नींद गायब है। जाम स्थल पर अपने खेतों की सूखी फसलों को लेकर बैठे किसान बिजली अफसरों को कोसते रहे।