गुरसहायगंज (कन्नौज)। अस्पताल में इलाज के दौरान युवक की मौत होने परिजनों ने हंगामा किया। साथ ही जीटी रोड पर जाम लगाने का प्रयास किया। पुलिस ने युवक का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं, पिता ने शनिवार को अस्पताल के डॉक्टर और स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की है।
तिर्वा कोतवाली क्षेत्र की चौकी पचोर के ग्राम मतौली निवासी सर्वेश कुमार ने बताया कि बेटा विमलेश कुमार (30) शुक्रवार सुबह अचानक बीमार हो गया। परिजन उसे जीटी रोड स्थित सुपर हेल्थकेयर सेंटर लेकर पहुंचे, जहां उसे भर्ती कराया गया। सर्वेश के अनुसार, बेटे की हालत भर्ती के बाद लगातार बिगड़ती रही पर डॉक्टर ने इलाज में लापरवाही बरती। पिता ने डॉक्टर से कई बार कहा कि यदि इलाज सही ढंग से नहीं हो पा रहा है तो बेटे को बड़े अस्पताल में रेफर कर दें पर डॉक्टर ने मना कर दिया। यहां तक कि जब परिवार ने कानपुर ले जाने के लिए गांव से वाहन मंगवाया, तो डॉक्टर ने मरीज को रेफर करने से इन्कार कर दिया।
उन्होंने बताया कि रात आठ बजे जब विमलेश की हालत गंभीर हो गई, तब डॉक्टर ने अपने वाहन से उसे कानपुर भेजने की व्यवस्था की पर रास्ते में ही विमलेश ने दम तोड़ दिया। आरोप लगाया कि बेटे की मौत अस्पताल में ही हो गई थी। डॉक्टरों ने उसे मृत अवस्था में रेफर किया। रास्ते में जब शरीर ठंडा पड़ा तो परिजनों को सच्चाई का पता चला। युवक की मौत की खबर जैसे ही गांव और इलाके में फैली तो बड़ी संख्या में ग्रामीण और रिश्तेदार अस्पताल पहुंच गए। लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया और जीटी रोड पर जाम लगाने की कोशिश की। सूचना मिलते ही अतिरिक्त निरीक्षक सीपी तिवारी, सदर कोतवाल जितेंद्र प्रताप सिंह, समधन चौकी इंचार्ज दीपक कुमार, कस्बा चौकी इंचार्ज दीपक चौधरी और तालग्राम थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने समझाकर स्थिति को नियंत्रित कर परिजनों को शांत कराया।
पिता ने डॉक्टर के खिलाफ दी तहरीर
युवक के पिता सर्वेश कुमार ने शनिवार सुबह कोतवाली में तहरीर देकर डॉक्टर और उसके स्टाफ पर जानबूझ कर गलत इलाज करने तथा मरीज को रेफर न करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर जांच शुरू कर दी है। वहीं, सुपर हेल्थकेयर सेंटर के डाॅ.एमएस खान ने बताया कि मरीज गंभीर अवस्था में लाया गया था, जिसका प्राथमिक उपचार किया गया। जांच रिपोर्ट सही न आने पर मरीज को गंभीर हालत में कानपुर रेफर किया गया, रास्ते में मौत हो गई। परिजनों द्वारा लगाए गए आरोप निराधार हैं। मरीज के पेट में संक्रमण फैल गया था। अतिरिक्त निरीक्षक सीपी तिवारी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि चिकित्सीय लापरवाही पाई गई तो संबंधित डॉक्टर और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।