तिर्वा(कन्नौज)। रास्ते में अचानक वृद्ध की हालत बिगड़ने पर परिजन मेडिकल कालेज ले गए। यहां इलाज के दौरान वृद्ध ने दम तोड़ दिया। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर दवाओं का विवरण मांगा। बाद में पहुंची पुलिस ने परिजनों को शंात कराया।
औरैया के बिधूना थाना क्षेत्र के बमरौलिया निवासी नगेंद्र पाल सिंह (65) राजस्थान पुलिस में तैनात थे। सेवानिवृत्त होने के बाद वह नोएडा में रहने लगे थे। बेटा सीपेंद्र चौहान समेत अन्य परिजन कार से आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे होते हुए घर आ रहे थे। रास्ते में अचानक नगेंद्र पाल की तबीयत बिगड़ गई। इस पर परिजन शुक्रवार की सुबह चार बजे मेडिकल कालेज की इमरजेंसी ले आए। परिजनों का आरोप है कि पहले मेडिकल कालेज की इमरजेंसी में डॉक्टर नहीं मिले। बाद में डॉक्टर आने पर कोविड-19 जांच कराने के लिए कहा। इस दौरान करीब एक घंटे का समय निकल गया। बाद में रिपोर्ट निगेटिव आने पर उपचार शुरू किया गया। कुछ देर बाद उन्होंने दम तोड़ दिया। इससे परिजन आक्रोशित हो गए। इन्होंने लापरवाही व गलत इलाज देने का आरोप लगाकर हंगामा शुरू कर दिया।
इमरजेंसी वार्ड में हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले की जानकारी लेकर परिजनों को समझाया। पीड़ित पक्ष ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। कोतवाल शैलेंद्र कुमार मिश्र ने बताया कि इमरजेंसी में मौत के बाद परिजनों के हंगामा काटने की सूचना पर पुलिस भेजी गई थी। मृतक के परिजनों ने तहरीर नहीं दी है।