गुरसहायगंज (कन्नौज)। किसान बिल और दिल्ली में किसानों को रोकने के विरोध में भाकियू के नेतृत्व में जिलेभर के किसान सड़कों पर उतर आए। इन्होंने करीब 20 मिनट जीटी रोड जाम कर नारेबाजी की। एसडीएम, सीओ, पीएसी समेत पुलिस फोर्स ने किसानों को समझाया तब यह शांत हुए। बाद में पीएम को संबोधित चार सूत्री ज्ञापन सौंपा गया।
शुक्रवार को भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष शमीम सिद्दीकी के आह्वान पर जीटी रोड इस्माइलपुर में पदाधिकारी व किसान इकट्ठे हुए। यहां पंजाब व हरियाणा के किसानों को दिल्ली में रोकने का विरोध जताया। किसानों ने नारेबाजी कर जीटी रोड जाम कर दिया। कुछ ही देर में जीटी रोड पर दोनों तरफ छोटे-बड़े वाहनों की लाइन लगना शुरू हो गई। इसकी भनक लगते ही छिबरामऊ एसडीएम देवेश गुप्ता, सदर सीओ शिव प्रताप सिंह, गुरसहायगंज कोतवाल राजा दिनेश सिंह समेत पीएसी व पुलिस फोर्स पहुंच गया। इन्होंने किसानों को समझाने का प्रयास किया। कुछ देर बाद किसान शांत हो गए। करीब 20 मिनट लगे जाम के बाद जीटी रोड पर आवागमन शुरू हो सका। बाद में भाकियू जिलाध्यक्ष ने प्रधानमंत्री को संबोधित चार सूत्री ज्ञापन एसडीएम को दिया।
इसमें प्रमुख रूप से किसान विरोधी तीनों कानून वापस लेने, सभी फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करने, समर्थन मूल्य से कम दामों पर फसल खरीद को अपराध की श्रेणी में शामिल करने व हरियाणा और पंजाब के गिरफ्तार किसानों को तत्काल रिहा करने की मांग रखी। कहा गया कि पराली जलाने के नाम पर किसानों पर लगाए गए मुकदमे वापस लिए जाएं। इस मौके पर भाकियू की महिला जिलाध्यक्ष कुसुम चौहान, मोहम्मद इशरत हुसैन, जिला महासचिव महेंद्र सिंह, छिबरामऊ तहसील अध्यक्ष जगमोहन त्रिपाठी, तहसील उपाध्यक्ष अशोक कश्यप, अनूप कुमार, दिनेश दिवाकर, अकील फारुकी, सलीम, हरपाल, कृष्ण मुरारी, तोहिद, सुबीन, हरिनारायण द्विवेदी, जीशान, सुरेश सिंह मौजूद रहे।