तालग्राम। राष्ट्रीय गोकुल मिशन अभियान पशुपालक विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के चलते दम तोड़ रहा है। विभाग के पशु मित्र गायों के कृत्रिम गर्भाधान के बदले पशु पालकों से 150 से 250 रुपये तक वसूल रहे हैं। यह सुविधा सरकार की ओर से निशुल्क है।
पशु पालन विभाग के कर्मचारियों के अनुसार शाहीवाल, थारपारकर, गिर आदि गायों की कई ऐसी देसी नस्लें हैं, जो दुग्ध उत्पादन में विदेशी प्रजातियों से पीछे नहीं हैं। केवल संरक्षण के अभाव में ये नस्लें अस्तित्व खो रही हैं। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना चलाई है। गांवों के कृत्रिम गर्भाधान की निशुल्क सुविधा दी जा रही है। जिससे किसानों की आय बढ़ सके, लेकिन पशुपालन विभाग के अधिकारियों की उदासीनता के चलते योजना सफल नहीं हो पा रही है। सरकारी अस्पतालों से अच्छी नस्ल के सीमेन निशुल्क लेकर पशु मित्र गांवों में कृत्रिम गर्भाधान को जाते हैं। वह पशु पालकों से सुविधा शुल्क वसूल करते हैं। इतना ही नहीं वह अपनी पंचायत कार्य क्षेत्र से बाहर भी रुपये के लालच में कृत्रिम गर्भाधान करते हैं। इसके साथ सरकार से मिलने वाली प्रोत्साहन राशि भी लेते हैं। पशुपालक प्रदीप, महेंद्र, अतुल, विकास, संजय ने बताया कि पशु मित्र 150 से 250 रुपये कृत्रिम गर्भाधान के लेते हैं। तभी फोन करने पर आते हैं।
तालग्राम ब्लाॅक को 32,500 कृत्रिम गर्भाधान का लक्ष्य
ब्लॉक तालग्राम की 67 पंचायतों के गांवों में करीब 92 गौवंशीय और महिष वंशीय हैं। ब्लॉक में सरायप्रयाग, निजामपुर, गुरसहायगंज, तालग्राम चार पशु चिकित्सालय हैं। प्रत्येक को 8100 पशुओं का कृत्रिम गर्भाधान करना है। इस वर्ष ब्लॉक को 32,500 कृत्रिम गर्भाधान का लक्ष्य मिला है। इसके सापेक्ष लगभग 70 फीसदी लक्ष्य पूरा हो गया है।
शिकायत मिलने पर कार्रवाई
पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विकराल सिंह का कहना है कि पशु मित्र के पशु पालकों से रुपये लेने की जानकारी नहीं है। पशुपालक इसकी शिकायत करेंगे तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।