कन्नौज। जिले में दो हजार से अधिक ऑटो-टेंपो के संचालक फिटनेस के दौरान खेल कर रहे हैं। एआरटीओ कार्यालय में ऑटो को खड़ा करने से पहले अतिरिक्त दो सीटें कटवा देते हैं। डाले को बंद कर टिन शेड लगा दिया जाता है। इससे यह बच जाते हैं।
सात सीट के पास पर 16 सवारी लेकर चलने वाले ऑटो चालक चालाकी बरत रहे हैं। यह मार्गों पर चलने के दौरान 16 सवारी बैठाने के लिए दो-दो सीटें अतिरिक्त लगा लेते हैं। पीछे लगाई गई अतिरिक्त सीट के बाद जगह का अभाव रहता है। इससे यह डाले को खुला रखते हैं। यह पीछे चार सवारी बैठा लेते हैं। इसी तरह बीच में एक सीट अतिरिक्त लगाई जाती है। इस सीट पर चार सवारी बैठाई जाती हैं। ऑटो,टेंपो चालक अपनी सीट पर भी तीन सवारी बैठा लेते हैं। इस तरह सात सीट के पास पर 16 सवारी बैठाकर सफर कराया जा रहा है। सफर के दौरान कोई यात्री मिला तो उसे लटका लेते हैं। उससे भी किराया वसूल किया जाता है। कोई विकल्प न होने से लोग मजबूरी में जान जोखिम में डालकर सफर करते हैं।
ऑटो संचालक वाहन की फिटनेस कराने एआरटीओ कार्यालय लेकर जाते हैं, तो वहां नजारा बदला नजर आता है। अतिरिक्त सीटें कटवा दी जाती हैं। पीछे लगा डाला बंद कर बेल्ड करा दिया जाता है। एक ऑटो चालक ने डाले को टिन से बेल्ड करवा दिया। मंगलवार को एआरटीओ ने फिटनेस के लिए आटो की जांच की तो वह दंग रह गए। अतिरिक्त सीटें हटी मिलीं। डाला टिन शेड से बंद था। एआरटीओ कार्यालय ने सभी नियमों का पालन देख फिटनेस तो कर दी, साथ ही चेतावनी दी कि अतिरिक्त सीटें लगवाने पर कार्रवाई की जाएगी।
महीना बंदी के खेल में शामिल हैं एजेंट
टेंपो-ऑटो को ओवरलोड चलवाने में एजेंट व पुलिस दोनों शामिल हैं। यह बात टेंपो, ऑटो संचालक खुद बताते हैं। इनके मुताबिक प्रति माह पांच सौ रुपये की वसूली की जाती है। प्रतिदिन 30 से 40 रुपये लिए जाते हैं। इसके अलावा माह में पांच सौ रुपये एक मुश्त देने पड़ते हैं। इसी मेहरबानी के चलते ओवरलोडिंग करने के बाद भी कार्रवाई नहीं की जाती है।
ओवरलोडिंग मिली तो होगा चालान: एआरटीओ
एआरटीओ संजय कुमार झा का कहना है कि जिले में संचालित ऑटो-टेंपो के खिलाफ अभियान चलता रहता है। अब ओवरलोडिंग के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। अधिक सीट लगी मिलीं तो कार्रवाई की जाएगी।