फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जिला जेल में कैदियों को बताईं कानून की बारीकियां

विज्ञापन
विज्ञापन
कन्नौज। जिला जेल का जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव प्रियंका सिंह ने निरीक्षण किया। इस दौरान शिविर भी लगाया गया। जेल में निरुद्ध बंदियों और कैदियों को कानून की बारीकियां बताई गईं।
विज्ञापन

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कन्नौज के अध्यक्ष और जिला जज मुशीर अहमद के निर्देश पर लगे शिविर में सचिव प्रियंका सिंह ने बताया कि अगर कोई आरोपी किसी मामले में अंडर ट्रायल है, और जेल में है, उस पर लगे आरोप में जितने दिन की सजा हो सकती है और वो उससे आधा या आधे से ज्यादा समय जेल में बिता चुका है तो वह सीआरपीसी के नियमों के तहत कोर्ट में जमानत के लिए अपील कर सकता है। कानून में प्रावधान है कि अगर पुलिस समय पर चार्जशीट दाखिल नहीं करती है तो भी आरोपी को जमानत दी जा सकती है, चाहे मामला कितना ही गंभीर क्यों न हो। ऐसे अपराध जिसमें 10 साल या इससे ज्यादा की सजा का प्रावधान है, उनमें आरोपी की गिरफ्तारी के 90 दिनों के अंदर चार्जशीट दाखिल करना जरूरी है। इस तय समय में अगर चार्जशीट दाखिल नहीं होती है तो आरोपी को सीआरपीसी के नियमों के तहत जमानत देने का प्रावधान है। वहीं 10 साल की सजा से कम वाले मामलों में 60 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल करना जरूरी है। इस समय में चार्जशीट दाखिल नहीं करने पर जमानत का प्रावधान है।
केस की किस स्टेज पर जमानत दी जाए, इसके लिए कोई तय मापदंड नहीं है। मामला अगर गंभीर है और गवाहों को प्रभावित किए जाने की आशंका हो तो चार्ज फ्रेम होने के बाद भी बेल नहीं मिलती। केस के ट्रायल के दौरान मुख्य गवाहों के बयान अगर आरोपी के खिलाफ हों तो भी आरोपी को जमानत मिलना मुश्किल है।
विज्ञापन

इससे पहले निरीक्षण के दौरान सचिव प्रियंका सिंह ने महिला बंदियों से बात कर उनकी समस्याएं पूछीं। जेल के अस्पताल में भर्ती मरीजों से उपचार और खानपान के संबंध में जानकारी की गई। इस दौरान जेल अधीक्षक विष्णुकांत मिश्रा, डॉ. कृष्ण, शिवकुमार, गिरीश कुमार, छोटेलाल, रवि कुमार सिंह, फार्मासिस्ट मानसिंह और कनिष्ठ सहायक पंकज कुमार आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें