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Kannauj News: आवेदनों को अस्वीकृत करने पर कारण करें स्पष्ट

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कन्नौज। डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने शनिवार को कलक्ट्रेट के गांधी सभागार में समीक्षा बैठक की। कहा कि सीएम युवा उद्यमी योजना के तहत अस्वीकृत आवेदनों को बैंकों की ओर से स्पष्ट उल्लेख किया जाए। कोई भी आवेदन लंबित नहीं रहना चाहिए, अन्यथा संबंधित की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
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उन्होंने कहा कि सीएम युवा उद्यमी योजना के वित्तीय वर्ष 2025-26 में 200 लक्ष्य के सापेक्ष साप्ताहिक प्रगति में बैंकों की ओर से 347 आवेदन स्वीकृत किए गए हैं। 184 लाभार्थियों को ऋण वितरण किया गया है। उपायुक्त उद्योग एवं एलडीएम बैंकों में जाकर आवेदनों का अस्वीकार करने के कारण देखें और वस्तु स्थिति से अवगत कराएं। उन्होंने कहा कि युवा उद्यमी योजना सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। यह योजना युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसलिए इस योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्र युवा लाभार्थियों को मिलना चाहिए।
हर घर जल योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि योजना प्रगति निरंतर बढ़ती हुई दिखनी चाहिए। निर्माण एजेंसी जीवीपीआर द्वारा साप्ताहिक लक्ष्य के दो सर्टिफिकेशन के स्थान पर तीन होने पर सराहना की। वहीं, निर्माण एजेंसी वीएसए की ओर से साप्ताहिक लक्ष्य के सापेक्ष तीन सर्टिफिकेशन के कार्य को अपूर्ण अर्थात शून्य प्रगति पाए जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कार्रवाई की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि टंकी परिसर में पौधे लगाएं जाएं तथा टंकी परिसर साफ- सुथरा, सुंदर दिखना चाहिए। कहा कि पांडु नदी के कार्य पर फोकस किया जाए। गोशाला में जो पौधे रोपित किए गए हैं, वह जीवित रहने चाहिए। इस दौरान सीडीओ रामकृपाल चौधरी, उपायुक्त रोजगार राजकुमार लोधी, डीडीओ एनडी द्विवेदी, उपायुक्त उद्योग धनंजय सिंह आदि उपस्थित रहे।
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1750 आवेदनों में 140 हुई अस्वीकृत
जिला उद्योग केंद्र के पोर्टल पर मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के लिए जिले से 1750 बेरोजगारों ने आवेदन किया था, जिसमें 140 को अस्वीकृत कर उनके पास वापस भेज दिया गया। अभ्यर्थियों को अभिलेख पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। उपायुक्त उद्योग धनंजय सिंह ने बताया कि कोई भी आवेदन अस्वीकृत नहीं किया जाता है, बल्कि सुधार के लिए अभ्यर्थी के पास भेजा गया है। जो अपात्र हैं उनके आवेदन निरस्त किए जाते हैं।


आवेदन में शपथ पत्र नहीं था
किशवापुर निवासी मनोज कुमार ने बताया कि उनके आवेदन में शपथ पत्र नहीं लगा था, इस वजह से वापस कर दिया गया। हाथिन गांव निवासी आदित्य कुमार ने बताया कि उनके आवेदन में मूल निवास प्रमाण पत्र न होने के कारण लाभ नहीं मिला है। अब तहसील में आवेदन किया है। पलिया गांव निवासी अमित दुबे ने बताया कि उनके आवेदन में आय प्रमाण पत्र लगा था पर उसमें आय अधिक लिखी थी। इस कारण उन्हें अपात्र घोषित कर दिया गया। अब उन्होंने दूसरे आय प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था। पहले वाले में लेखपाल ने गलत रिपोर्ट लगा दी थी।
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