राजकीय मेडिकल कालेज के शैक्षणिक भवन में शनिवार की दोपहर विश्व कैंसर दिवस पर एक सेमिनार का आयोजन किया गया। इसमें कैंसर रोग से संबंधित विशेषज्ञ चिकित्सको ने मेडिकल स्टूडेंटस को बीमारी से संबंधित लक्षण व उसके उपचार के बारे में कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी।
प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक डॉ. वीएन त्रिपाठी ने कहा कि कैंसर मुख्यत: चार प्रकार का होता है जिसमें ब्लड कैंसर, ब्रेन ट्यूमर, लंग कैंसर व स्तन कैंसर अधिक घातक है। कन्नौज, फर्रुखाबाद, मैनपुरी जिले तंबाकू उत्पादन की बेल्ट में शामिल हैं। इस वजह से इस क्षेत्र के युवा मुख कैंसर से अधिक ग्रसित हो रहे है। जेके कैंसर इंस्टीट्यूट कानपुर के पूर्व निदेशक डॉ . एके दीक्षित ने कहा कि चार फरवरी को पूरे विश्व में कैंसर दिवस मनाया जाता है। देश में प्रतिवर्ष दस लाख लोग कैंसर की बीमारी से ग्रसित हो रहे हैं। प्रति एक लाख की आबादी पर 100 से 125 तक मरीज का औसत सामने आ रहा है।
उन्होंने बताया कि सिर्फ कानपुर शहर में दो हजार लोग कैंसर की बीमारी से ग्रसित हैं। बताया कि यदि मुख में चार अंगुलियां एक साथ नहीं जा पा रही हैं अथवा मुख के अंदर सफेद व लाल चकत्ते हैं तो तत्काल इसकी जांच कराए। यह जांच मेडिकल कालेज में निशुल्क उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि तीस फीसदी लोग तंबाकू व गुटखा के सेवन से इस बीमारी से ग्रसित हो रहे है। मेडिकल कालेज के कैंसर चिकित्सक डा.राजेंद्र सिंह ने कहा कि कैंसर के प्रथम लक्षण दिखाई दे तत्काल जांच कराए।
उन्होंने स्तन कैंसर के बारे में विस्तृत रुप से बताया। गर्ल्स स्टूडेंट्स को सलाह दी कि स्तन कैंसर से बचाव के लिए मार्केट में वैक्सीन उपलब्ध है। नौ वर्ष की उम्र से पच्चीस वर्ष तक की उम्र की युवतियों को यह वैक्सीन जरुर लेनी चाहिए। कैंसर चिकित्सक डा. अनिल यादव ने कहा कि नित्य व्यायाम व संतुलित भोजन से कैंसर की बीमारी को रोका जा सकता है। उन्होंने सलाह देते हुए कहा कि पान मसाला उपयोग करने वाले युवक प्रति छह माह के दौरान अपना परीक्षण जरुर कराए। सेमिनार में प्राचार्य डॉ. डीएस मारतोलिया, चिकित्सा शिक्षक डॉ. प्रदीप खार्या, डॉ. नरेंद्र त्रिपाठी, डॉ. संदीप कौशिक, डॉ. शैली श्रीवास्तव, डॉ. एडी तिवारी व मेडिकल स्टूडेंट्स मौजूद रहे।