फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इंस्पेक्टर की अंतिम विदाई में हर आंख नम

Thu, 24 Dec 2015 11:46 PM IST
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
विज्ञापन
विज्ञापन
दिल्ली में हुए प्लेन क्रैश में मरे थाना तालग्राम के गांव पलरी निवासी बीएसएफ के इंस्पेक्टर (तकनीकी) राघवेंद्र यादव का गुरुवार को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। देश की खातिर कुरबान होने शहीद की एक झलक पाने को लोग बेताब हो गए।
विज्ञापन


बुधवार की देर रात पैतृक गांव में बीएसएफ के सहायक कमांडेंट वीरेंद्र सिंह, इंस्पेक्टर एसके यादव शहीद का शव लेकर आए। इसके बाद से ही राघवेंद्र के अंतिम दर्शन करने व एक झलक पाने को आसपास के गांवों से लोगों का आना शुरू हो गया। गुरुवार की सुबह भीड़ ज्यादा होने से उनके आवास पर जगह कम पड़ गई।

इस पर उच्च प्राथमिक स्कूल नरमऊ के परिसर में इंस्पेक्टर के शव को अंतिम दर्शनों के लिए रखा गया। सुबह 11:30 बजे तक लोग उनके दर्शन करते रहे। इसके बाद गंगा के श्रृंगीरामपुर घाट पर उनके शव को ले जाया गया। माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री विजय बहादुर पाल, विधायक अरविंद सिंह यादव, डीएम अनुज झा, एसपी कलानिधि नैथानी, चेयरमैन दिनेश यादव आदि ने पुष्पांजलि अर्पित कर अर्थी को कंधा दिया।
विज्ञापन


श्रंगीरामपुर गंगा घाट पर इंस्पेक्टर का पार्थिव शरीर ताबूत में लेकर बीएसएफ के सहायक कमांडेंट वीरेंद्र सिंह व इंस्पेक्टर सुरेश यादव जवानों के साथ लेकर पहुंचे। ताबूत से शव को निकालकर चिता पर लिटाया गया। पुलिस एवं बीएसएफ के जवानों ने गार्ड आफ आनर दिया। वरिष्ठ पुत्र रोहित ने शव को मुखाग्नि दी।

इससे पूर्व इंस्पेक्टर के बड़े पुत्र रोहित को सहायक कमांडेंट ने पिता की अंतिम निशानी के तौर पर राष्ट्रीय ध्वज दिया तो वह फूट फूटकर रो पड़े। यहां पूर्व सैनिक सेवा परिषद कानपुर के एमडब्ल्यूओ एमपी शर्मा, सूबेदार वाईके सिंह, कैप्टन आरएस दीक्षित, एचएफओ केके ठाकुर, नायक वीके शर्मा ने पुष्प चक्र अर्पित कर सलामी दी।

पुलिस लाइन के इंस्पेक्टर मिथलेश तिवारी के साथ आई गार्ड व बीएसएफ जवानों ने मातमी धुन बजाई। दो मिनट का मौन रखा गया। इसके बाद जवानों की संगीनों से गोली की तड़तड़ाहट गूंज उठी। जिला पंचायत सदस्य शैलेंद्र सिंह यादव, पिंटू यादव, कमालगंज व तालग्राम थानाध्यक्ष मो. इमरान भी मौजूद थे।

उधर, इंस्पेक्टर की मां शिव देवी ने कहा कि उनके तीन बेटे राजेंद्र, राघवेंद्र व रावेंद्र शिक्षा अध्ययन के बाद एक-एक कर देश सेवा करने को वायुसेना में भर्ती हुए। उन्हें गर्व है कि उनका मझला बेटा राघवेंद्र देश की सेवा करते हुए प्राण दे दिए। उन्होंने कन्नौज जिले व प्रदेश का नाम रोशन किया है। यदि उनके और बेेटे होते तो वह उन्हें भी नौकरी करने सेना में ही भेजतीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें