तिर्वा। नई दिल्ली स्थित पीएचडी चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री में 10 दिसंबर को आयोजित कार्यक्रम में राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के निदेशक को इंटरनेशनल फेडरेशन फॉर एजुकेशन रिसर्च एंड डेवलपमेंट (आईएफइआरडी) एक्सीलेंस अवार्ड 2025 से सम्मानित किया गया। शैक्षणिक नेतृत्व, संस्थान के विकास, नवाचार को बढ़ावा देने और तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता सुधार में उनके उत्कृष्ट योगदान को देखते हुए यह सम्मान उन्हें प्रदान किया गया।
सम्मान के बाद समारोह में निदेशक प्रोफेसर मनोज कुमार शुक्ला के नेतृत्व में इंजीनियरिंग कॉलेज में हुए परिवर्तनकारी प्रयासों पर भी चर्चा हुई। एक वर्ष में कॉलेज ने शैक्षणिक से लेकर प्रशासनिक स्तर तक कई प्रगतिशील कदम उठाए हैं जिन्होंने इसे प्रदेश के उभरते हुए तकनीकी संस्थानों में शामिल कर दिया है। निदेशक के मार्गदर्शन में प्रशासनिक प्रक्रियाओं को पूरी तरह डिजिटल बनाकर छात्र सेवाओं, दस्तावेज प्रबंधन और कार्यालय संचालन को अधिक सरल व पारदर्शी बनाया।
इससे कॉलेज की कार्यक्षमता में उल्लेखनीय सुधार आया। शैक्षणिक गुणवत्ता के लिए कई कक्षाओं को स्मार्ट टीवी और आईसीटी आधारित तकनीकों से सुसज्जित किया गया, जिससे शिक्षण अधिक प्रभावी व रोचक हुआ। वहीं, शोध व नवाचार को बढ़ावा देने के लिए स्थापित आईडिया लैब ने छात्रों को थ्री-डी प्रिंटिंग, रोबोटिक्स और डिजाइन तकनीकों का प्रशिक्षण उपलब्ध कराया। कई राष्ट्रीय एजेंसियों से मिली फंडिंग ने संस्थान की शोध क्षमता को नई दिशा दी है। संस्थान के डॉ. वीडीके पात्रो ने कहा कि यह सम्मान पूरे कॉलेज समुदाय के लिए गर्व का क्षण है। यह उपलब्धि उत्कृष्टता की दिशा में प्रोफेसर मनोज कुमार शुक्ला की प्रतिबद्धता और दूरदर्शी नेतृत्व का प्रतीक है।