तालग्राम। नगर पंचायत स्वच्छ सर्वेक्षण में बेहतर रैंकिंग के लिए लगातार प्रयासरत है। इसके लिए जनसहभागिता बेहद जरूरी है। इसे देखते हुए नगर पंचायत के प्रत्येक वार्ड में चार रंग के डस्टबिन और जागरूकता स्टिकर वितरित करने का निर्णय लिया है। ताकि शत-प्रतिशत कूड़े का पृथक्करण (सोर्स सेग्रीगेशन) किया जा सके।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत नगर पंचायत का लक्ष्य है कि सोर्स सेग्रीगेशन यानी घर से ही कचरा अलग-अलग होकर निकले। इसके लिए घरों के बाहर स्टिकर लगाकर जागरूक किया जाएगा। वरिष्ठ लिपिक ने बताया कि प्रत्येक वार्ड के लिए चार रंगों के कूड़ेदान मंगाए जाएंगे। अभियान के पहले चरण में प्रत्येक वार्ड के कम से कम 10 ऐसे भवन स्वामियों को चिह्नित किया जाएगा, जो शत-प्रतिशत कूड़ा पृथक्करण का पालन कर रहे हैं या इसके लिए तत्पर हैं।
इन नागरिकों को मॉडल के रूप में डस्टबिन और जागरूकता स्टिकर भी दिए जाएंगे, ताकि अन्य लोग भी प्रेरित हो सकें। इस प्रक्रिया की मॉनिटरिंग के लिए व्हाट्सएप ग्रुप और निर्धारित प्रारूप का उपयोग किया जाएगा। उन्होंने बताया कि नियम एक अप्रैल 2026 से लागू है। सभी घर, दुकान, स्कूल, कॉलेज, होटल, अस्पताल, सरकारी-निजी दफ्तर, ठेले वालों को गीला-सूखा कचरा अलग रखना होगा।
चार टन प्रतिदिन निकलता है कूड़ा
नगर पंचायत में प्रतिदिन चार टन कूड़ा निकलता है। इसमें 40 गीला, 51 सूखा, चार घरों का खतरनाक कचरा और पांच फीसदी बायोमेडिकल वेस्ट निकलता है। लिपिक अनुज ने बताया कि एमआरएफ प्लांट पर कूड़ा पृथक्करण कर निस्तारण किया जाता है।
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आमजन का सहयोग जरूरी
चेयरमैन मोहसिन खान जानू का कहना है कि कूड़ा प्रबंधन में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी सफाई कर्मचारियों को निर्देश दिया गया है कि स्वच्छता रैंकिंग सुधार के लिए प्रयास करें। वहीं, नगर पंचायत को स्वच्छ रखने में आमजन का सहयोग भी जरूरी है।