तिर्वा। कस्बे में बिजली निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि विभागीय कर्मचारियों की मिलीभगत से बड़े उपभोक्ताओं और उद्योगों को सालाना सेटिंग के आधार पर अवैध रूप से बिजली सप्लाई की जा रही है, जिसके बदले मोटी रकम वसूली जा रही है। नाम न छापने की शर्त पर एक स्थानीय उपभोक्ता ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि हाल ही में चार उपभोक्ताओं के मीटरों की अदला-बदली कर हजारों रुपये के बिल का गड़बड़झाला किया गया।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि कस्बे से लेकर ग्रामीण इलाकों तक कई ऐसे कनेक्शन चल रहे हैं, जहां सामान्य घरेलू कनेक्शन के नाम पर जरूरत से ज्यादा बिजली दी जा रही है। इसके एवज में उपभोक्ताओं से सालाना 20 हजार रुपये या उससे अधिक की अवैध वसूली की जा रही है। इस पूरे मामले को लेकर शिकायतकर्ता ने उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष को पत्र भेजकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। साथ ही दोषी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। एसडीओ सतीश चंद्र ने बताया कि जल्द ही गोपनीय तरीके से छापा मारा जाएगा। सभी पंजीकृत उपभोक्ताओं के कनेक्शनों की जांच कराई जाएगी। जांच के दौरान किसी भी उपभोक्ता का बिल भुगतान से अधिक लोड आ रहा होगा तो कार्रवाई की जाएगी और संबंधित कर्मचारी की मिलीभगत होने पर कर्मचारी के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।