चपुन्ना। भीषण गर्मी के साथ सौरिख क्षेत्र में बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। अत्यधिक लोड के कारण सौरिख पावर हाउस से जुड़े 170 गांवों में लो-वोल्टेज और अघोषित बिजली कटौती हो रही है। सरकार के 18 घंटे बिजली आपूर्ति के दावे धरातल पर विपरीत दिख रहे हैं।
छिबरामऊ से आने वाली 33 हजार केवी लाइन से सौरिख और सकरावा पावर हाउस संचालित होते हैं। इस लाइन पर भारी दबाव से समस्या बढ़ रही है। सौरिख पावर हाउस से जुड़े नौ बड़े फीडरों पर अधिक लोड है। इससे ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज की स्थिति बनी रहती है। सौरिख, गढ़ियापाह और चपुन्ना समेत करीब 170 गांव प्रभावित हैं। बिजली कटौती से किसानों को परेशानी हो रही है। कम वोल्टेज के कारण नलकूप नहीं चल पा रहे हैं। इससे खेतों की सिंचाई बाधित है और फसलें सूख रही हैं। आटा चक्की और छोटे कारखाने भी बिजली संकट से बंद पड़े हैं।
अधिशासी अभियंता राजीव भारती ने बताया कि गढ़ियापाह में नए पावर हाउस का निर्माण तेजी से चल रहा है। मशीनों की फिटिंग अंतिम चरण में है। नई 33 हजार लाइन का निर्माण कार्य भी तेजी से हो रहा है। यह पावर हाउस शुरू होने पर सौरिख पावर हाउस का लोड कम हो जाएगा। गढ़ियापाह की प्रधान किरन यादव ने बताया कि उपकेंद्र निर्माण के लिए दो साल पहले जमीन दर्ज हुई थी। धीमी गति से निर्माण के कारण लोगों को परेशानी हो रही है।
भाजपा महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष नेहा त्रिपाठी ने ऊर्जा मंत्री एके शर्मा से मिलकर समस्या हल कराने की बात कही। किसान जितेंद्र सिंह राजावत ने बताया कि बिजली न मिलने से किसान निजी संसाधनों से सिंचाई कर रहे हैं। इससे उन पर कर्ज का बोझ बढ़ रहा है। किसान प्रबल प्रताप सिंह ने बताया कि बिजली न होने से पंखे, कूलर शोपीस बन गए हैं। गर्मी में लोग रातें जागकर गुजारते हैं। दिन में भी उन्हें बागों में जाकर समय काटना पड़ता है।
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