कन्नौज रेलवे स्टेशन पर विद्युतीकरण का नजारा।
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कन्नौज। इलेक्ट्रिक रेल इंजन दौड़ने से सुविधाओं में इजाफे का सपना संजोए लोगों के लिए राहत की खबर है। 30 नवंबर को फर्रुखाबाद से कन्नौज तक इलेक्ट्रिक इंजन दौड़ाकर ट्रायल किया जाएगा। ट्रायल सफल रहा तो दिसंबर से इलेक्ट्रिक ट्रेन दौड़ने की उम्मीद है। कानपुर से कन्नौज तक विद्युतीकरण का कार्य पूरा हो चुका है। कन्नौज से फर्रुखाबाद के बीच विद्युतीकरण का काम भी पूरा हो गया है।
पूर्वोत्तर रेलवे कोलकाता के मुख्य संरक्षा आयुक्त अभय कुमार राय व इज्जतनगर बरेली डीआरएम दिनेश सिंह ने 21 अगस्त को कल्याणपुर से कन्नौज तक इलेक्ट्रिक ट्रेन दौड़ाकर ट्रायल लिया था। 68 किलोमीटर की दूरी 40 मिनट में तय करते हुए 115 किलोमीटर प्रतिघंटा की स्पीड से ट्रेन दौड़ाई गई थी। कल्याणपुर से कन्नौज तक विद्युतीकरण का कार्य ठीक पाया गया। कन्नौज से फर्रुखाबाद तक का काम शेष था। विद्युतीकरण का काम कर रही इरकॉन कंपनी ने कार्य पूरा कर लिया है।
कंपनी के उप प्रबंधक अतिवीर सिंह ने बताया कि मुख्य संरक्षा आयुक्त से ट्रायल के लिए 30 नवंबर के लिए समय मांगा गया है। तारीख फाइनल नहीं हुई है। कन्नौज से फर्रुखाबाद के बीच मुख्य संरक्षा आयुक्त स्पेशल यान से ट्रायल लेंगे। ट्रायल में किसी तरह की दिक्कत नहीं आई तो वह रिपोर्ट रेलवे को सौंपेंगे। इसके बाद रेलवे इस रूट पर ट्रेन को चलाने की रणनीति तय करेगा। उन्होंने कहा कि सब कुछ ठीक रहा तो दिसंबर माह में इलेक्ट्रिक ट्रेन दौड़ने की उम्मीद है। इससे इस रूट पर चलने वाली सवारियों को काफी सहूलियत होगी।
इलेक्ट्रिक लाइन चालू होने पर मेमू ट्रेनों का बढ़ेगा रूट
अभी तक लखनऊ से चलकर कानपुर आने वाली मेमू ट्रेन का संचालन सिर्फ कल्यानपुर तक ही है। कल्यानपुर से कन्नौज होते हुए मथुरा तक इलेक्ट्रिक लाइन बिछाई जा चुकी है। 21 अगस्त को ट्रायल के लिए आए इज्जतनगर बरेली डीआरएम दिनेश सिंह ने भी कहा था कि उनका प्रयास रहेगा कि कल्यानपुर तक आने वाली मेमू को कन्नौज या फिर फर्रुखाबाद तक चलाया जाए। इसके अलावा दिल्ली रूट से कुछ ट्रेन भी इस लाइन पर शिफ्ट होने की उम्मीद है। ऐसा होता है तो यात्रियों को खासी राहत मिलेगी। अभी कन्नौज से कानपुर जाने के लिए शाम पौने चार बजे के बाद साढ़े सात बजे पैसेंजर ट्रेन ही है। कई दैनिक यात्री ऐसे हैं जो कार्यालयों में कार्य समाप्त होने के बाद साढ़े चार बजे तक स्टेशन पहुंच पाते हैं, ऐसे में उन्हें ट्रेन की सुविधा नहीं मिल पाती। इसके अलावा कानपुर से सात बजे के बाद कन्नौज रूट पर कोई भी ट्रेन नहीं है। इससे सबसे ज्यादा परेशानी फर्रुखाबाद और कन्नौज के व्यापारियों और मरीजों को होती है। कानपुर मथुरा रूट पर ट्रेनों की संख्या बढ़ने से यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।