33 केवीए सब स्टेशन में लगा पांच एमवीए ट्रांसफार्मर
पूरी तरह डेड घोषित कर दिया गया है। जब तक नया ट्रांसफार्मर नहीं आ जाता तब
तक ग्रामीण क्षेत्र के फीडरों को रोस्टर के हिसाब से बिजली दी जाएगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में कई दिनों तक बिजली संकट गहराया रहेगा।
सोमवार को
कन्नौज से आई टीम ने ट्रांसफार्मर की टेस्टिंग की थी, पर किसी ठोस नतीजे
पर नहीं पहुंचा जा सका। इस दौरान 60 गांवों में बिजली गुल रही। मंगलवार को
कानपुर से आए बबलू यादव और विनय कुमार ने जेई अवनीश कुमार की देखरेख में
क्षतिग्रस्त वीसीबी की मरम्मत की।
इसके साथ ही पांच5 एमवीए ट्रांसफार्मर का
ऑयल निकलवाकर ठीक करने का प्रयास किया। पूरे दिन चली कवायद के बाद शाम
साढ़े पांच बजे जब आपूर्ति देकर इसे चालू किया गया तो धमाके साथ फ्यूज उड़
गए। अंत में इस ट्रांसफार्मर को डेड घोषित कर दिया गया। जेई ने बताया कि सब
स्टेशन में केवल आठ एमवीए का ट्रांसफार्मर चालू है।
अब इसी से
विशुनगढ़, खोजीपुर और कसाबा फीडर को रोस्टर के मुताबिक बिजली दी जाएगी।
एसडीओ सुधांशु श्रीवास्तव का कहना है कि दूसरा ट्रांसफार्मर आने में एक
सप्ताह का समय लग सकता है। उधर, काफी मशक्कत के बाद कंट्रोल रूम में
क्षतिग्रस्त हुई वीसीबी को काम चलाऊ बना लिया गया।
जेई ने बताया इसमें एक
फेस डायरेक्ट होने से फाल्ट में ट्र्िपिंग नहीं हो रही थी। इस कमी को
मैकेनिकों ने ठीक कर लिया है। उधर, सौरिख सब स्टेशन के लिए मंगलवार को आठ
एमवीए का नया ट्रांसफार्मर आ गया है। एसडीओ कमलेश कुमार ने बताया कि
टेस्टिंग के बाद सब कुछ ओके मिला तो शुक्रवार तक आपूर्ति बहाल हो जाएगी।