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Kannauj News: बुजुर्ग ने मेडिकल कॉलेज को देहदान का किया संकल्प

Thu, 08 Feb 2024 12:07 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
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तिर्वा। मौत और उससे जुड़ी धारणाएं, मान्यताओं का हिंदू धर्म में काफी महत्व है। मरने के बाद शरीर का अंतिम संस्कार अतिआवश्यक माना जाता है। इस बात की परवाह किए बगैर एक बुजुर्ग संत ने मरने के बाद अपना शरीर डॉक्टरी पढ़ने वाले स्टूडेंट्स के लिए दान करने का संकल्प लिया है।
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तालग्राम थाना क्षेत्र के गढ़वा गांव निवासी साधू छम्मीलाल (63) ने बुधवार को मेडिकल कॉलेज पहुंचकर देहदान किया। बुजुर्ग का कहना है कि मौत के बाद शरीर को जला दिया जाता है। उस मृत शरीर से प्रैक्टिकल कर मेडिकल की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थी दूसरों की जिंदगी बचाना सिख सकते हैं। इसी सोच के साथ देहदान करने का संकल्प लिया है। मेडिकल कॉलेज के एनाटाॅमी विभाग ने देहदान की औपचारिकता पूरी की है। प्राचार्य डॉ. सीपी पाल ने बताया कि देहदान करने वाले ये दूसरे व्यक्ति हैं, जिन्होंने बुधवार को देहदान की प्रक्रिया पूरी की है।



देहदान के लिए लोगों को किया जागरूक

छम्मी लाल ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में विद्यार्थियों को मृत शरीर न मिल पाने से सीखने में परेशानी होती है। मरणोपंरात देह अगर किसी काम आ जाती है तो इससे अच्छा क्या है। देश में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी है और मेडिकल कॉलेजों में भावी डॉक्टरों को प्रैक्टिस करने मृत शरीर भी नहीं मिल पाता है। इस बात को ध्यान में रखकर लोगों को देहदान करने की दिशा में सामने आना चाहिए। जिससे मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट प्रैक्टिस कर डॉक्टर बनकर हजारों लोगों की जिंदगी बचा सकें।
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