कन्नौज। आगरा लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर हादसों की रोकथाम के लिए शासन ने बसों में स्पीड गवर्नर को अनिवार्य कर दिया है। स्पीड गवर्नर से बसों की रफ्तार पर ब्रेक लगेगा। अगर चालक तेज गति से रोडवेज की बस चला रहा है तो कंट्रोल रूम में अलार्म बजने लगेगा। चालक के खिलाफ नोटिस जारी कर विभागीय कार्रवाई अमल में लाएगी जाएगी।
आठ जुलाई को यमुना एक्सप्रेस-वे पर आगरा के पास तेज रफ्तार रोडवेज बस नाले में गिर गई थी। हादसे में 29 सवारियों की मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद प्रदेश सरकार ने यमुना एक्सप्रेस-वे और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर चलने वाली रोडवेज बसों में स्पीड गवर्नर लगाने के आदेश दिए हैं। रोडवेज बस में लगा स्पीड गवर्नर जीपीएस सिस्टम पर काम करता है। अगर चालक एक्सप्रेस-वे पर 90 से ऊपर की रफ्तार से बस चलाता है तो संबंधित रोडवेज बस के डिपो के कंट्रोल रूम में अलार्म बजने लगेगा। ऑनलाइन निगरानी करने वाले कर्मचारी तत्काल चालक को फोन कर स्पीड कम करने के लिए कहेंगे। चालक से स्पष्टीकरण मांग कर कार्रवाई की जाएगी। टोल प्लाज पर एआरटीओ और पुलिस विभाग के साथ यूपीडा के अधिकारी साधारण और डबल डेकर बसों में स्पीड गवर्नर चेक करेंगे। बस में स्पीड गवर्नर न होने पर चालक और परिचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
हादसों की रोकथाम के लिए शासन ने दो साल पहले बसों में स्पीड गवर्नर अनिवार्य कर दिया था। नई बसों में स्पीड गवर्नर लगकर आए थे। चालकों ने स्पीड गवर्नर खोल कर रख दिए थे। वहीं एक्सप्रेस-वे पर स्पीड डैपनिंग बार लगाने का काम भी शुरू किया गया है। एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के तहत चार पहिया वाहनों की 100 किमी प्रति घंटा से ज्यादा स्पीड होने पर ऑनलाइन चालान कटेगा।
स्पीड गवर्नर चेक करने के दिए गए निर्देश:एसपी
एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि एक्सप्रेस-वे पर पड़ने वाले तिर्वा, सौरिख, तालग्राम थानों को बसों में स्पीड गवर्नर चेक करने के निर्देश दिए गए है। वहीं यूपीडा के सुरक्षा अधिकारी जय कुमार ने बताया कि प्रतिदिन आगरा से दिल्ली के लिए करीब 200 बसों का संचालन होता है। स्पीड गवर्नर लगने से हादसों पर अंकुश लगेगा। बस चालकों की स्क्रीनिंग के साथ समय-समय पर मेडिकल परीक्षण भी कराया जाएगा।
हर 50 किमी पर होंगे जनसुविधा केंद्र
वाहन चालकों व यात्रियों को हर पचास किमी पर जनसुविधा केंद्र देने की तैयारी की गई है। इससे कि वह थकान मिटा सकें। अभी एक्सप्रेस वे पर लखनऊ से आगरा के बीच दोनों ओर केवल दो-दो जनसुविधा केंद्र हैं। इनकी संख्या बढ़ा कर दोनों ओर चार-चार की जाएगी। एक्सप्रेस वे पर नींद आने की दशा में वाहन न चलाने संबंधी सूचना बोर्ड लगेंगे। इसके अलावा 50 नाइट विजन कैमरे रख कर वाहनों की निगरानी की जाएगी।