बुखार अब कोरोना से भी खतरनाक हो गया है। जिला अस्पताल में 24 घंटे में बुखार से आठ लोगों की मौत हो गई।
जिले में कोरोना से नहीं बुखार से अधिक मौतें हो रही हैं। यदि जिला अस्पताल की बात करें तो 24 घंटे में आठ लोगों की जान चली गई है।
इसमें इस्वापुर निवासी सुभाष (75), शेखाना निवासी शहरुननिशा (45), सब्जी मंडी कन्नौज निवासी संजय मल्होत्रा (55), रहमतपुर बिल्हौर निवासी सुशीला देवी (60), शहर के मोहल्ला अनंदीस निवासी गोकरन (60) की मौत हुई है।
शहर के मोहल्ला चौहट्टा निवासी शांती देवी (70), नजरापुर निवासी बृज किशोर शर्मा (40), जागेपुर हरदोई निवासी छत्रपाल (60), गुलाब पुर्वा मल्लावां निवासी रविचरन (45) की मौत जिला अस्पताल लाते समय रास्ते में हो गई।
कोरोना काल में बुखार से भी मौतें हो रही है। लोगों ने चिंता कर खुद को अधिक बीमार कर लिया है। इससे उनको बुखार होने पर ऑक्सीजन की कमी हो रही है। जिला अस्पताल के फिजीशियन डाक्टर वीके शुक्ला ने बताया कि बुखार होने पर दवा लें, जल्द लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि कोरोना के खौफ ने मरीजों में ऑक्सीजन की कमी कर दी है। बुखार आने पर डॉक्टर की सलाह से उपचार समय से लें। कुछ ही दिन दवा खाने से बुखार में लाभ होगा। बुखार आने पर सिर अधिक गर्म हो जाता है।
इसका मुख्य कारण बुखार में खून का संचार सिर की तरफ अधिक हो जाता है। ब्लड भी ऑक्सीजन की खपत करता है। इस कारण मरीज सांस अधिक बार लेने लगता है।
यह कोई नया नहीं है। कोरोना संक्रमण होने से मरीज को बुखार आने पर वह अधिक चिंता करने लगता है। इस कारण उसे ऑक्सीजन की कमी होने लगती है।