कन्नौज। इत्रोत्सव हमारी सदियों की पीढ़ी की तपस्या का परिणाम है। यह उत्सव लोक साहित्य, संस्कृति परंपराओं का मिश्रण है। यह बात जनपद की प्रभारी मंत्री रजनी तिवारी ने बोर्डिंग ग्राउंड मैदान में आयोजित तीन दिवसीय इत्रोत्सव के शुभारंभ के अवसर पर कही।
शनिवार को शुरू हुए इत्रोत्सव के अवसर पर प्रभारी मंत्री ने कहा कि कन्नौज सदियों से इत्र की राजधानी के रूप में विश्व में प्रसिद्ध रहा है। यहां के कारीगरों की मेहनत, कौशल और परंपरा यहां के कारीगरों, मिट्टी और फूलों की खुशबू से जुड़ी हुई है। कहा कि इस भव्य इत्रोत्सव का उद्देश्य कारीगरों, व्यापारियों और उद्यमियों को एक मंच प्रदान कर इत्र को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाना तथा इसकी प्रभावी ब्रांडिंग करना है। केंद्र एवं प्रदेश सरकार पारंपरिक उद्योगों को प्रोत्साहित कर रही है। कहा कि आलू किसानों की समस्याओं को देखते हुए काफी समय से आलू संयंत्र की मांग चल रही है। सरकार किसानों की मांग शीघ्र पूरा करने के लिए प्रयासरत है। कहा कि इत्र उत्सव में लगी प्रदर्शनी और स्टॉल से अधिक से अधिक खरीदारी करें। इस दौरान विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम में राधारानी बृज संस्कृति कला समिति मथुरा ने भजन गायन, नृत्यांजलि फाउंडेशन लखनऊ की ओर से रामायण, नृत्य नाटिका, गंगावतरण कार्यक्रमों ने मंत्रमुग्ध कर दिया। इस दौरान समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण, तिर्वा विधायक कैलाश राजपूत, डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री, एसपी विनोद कुमार, भाजपा जिलाध्यक्ष वीर सिंह भदौरिया, सीडीओ रामकृपाल चौधरी, मंत्री प्रतिनिधि रामवीर कठेरिया, जिला महामंत्री शैलेंद्र द्विवेदी, आईटी सेल जिलाध्यक्ष अभिषेक पांडेय, शरद मिश्रा, राजेश राजपूत मौजूद रहे।