संयुक्त राष्ट्र औद्योगिक विकास संगठन (यूनीडो) की ओर
से मिस्र से आए 13 प्रशिक्षणार्थियों को रविवार को सुगंध एवं सुरस विकास
केंद्र में इत्र से संबंधित जानकारियां दी गईं।
प्रधान निदेशक शक्ति
विनय शुक्ला ने बताया कि प्रशिक्षणार्थियों को एसेंसियल आयल, मूल्य
संवर्द्धन, प्रसंस्करण से लेकर सुगंध एवं सुरस निर्माण की बारीकियां सिखाई
जाएंगी। कार्यक्रम के तहत प्रौद्योगिकी हस्तांतरण से प्राकृतिक व कृत्रिम
सुगंधित कच्चे माल के उत्पादन में सहायता मिलेगी।
विशिष्ट अतिथि शैलेंद्र
जैन ने कहा कि प्रशिक्षण से मिश्र व भारत दोनों देनों को लाभ मिलेगा।
इजिप्ट में जिरेनियम की अच्छी पैदावार होती है, उसे भारत को निर्यात कर
सकते हैं। अतर एवं परफ्यूमर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष ओमप्रकाश पाठक ने कहा कि
भारत में बने प्राकृतिक इत्र को इजिप्ट में निर्यात किया जा सकता है।
उद्यमी
योगेश दुबे ने कहा कि यदि इजिप्ट के व्यापारी भारत के प्राकृतिक सुगंधित
तेल वाली खुशबू लेते हैं तो दोनों देशों के बीच यह अच्छा व्यापार सहयोग
होगा। आईआईटी कानपुर के प्रो. संदीप वर्मा ने सुगंध व सुरस के क्षेत्र में
नैनो साइंस व नैनो टेक्नलाजी के प्रयोग पर जोर दिया।
उप निदेशक नदीम अकबर
ने छात्रों व अतिथियों का आभार जताया। संचालन सहायक निदेशक आमोद प्रताप
सिंह ने किया। इस मौके पर पीसी सिंह, ज्ञानेंद्र सिंह, मुनेंद्र त्रिपाठी,
कमलेश, ज्ञानेंद्र गौर, अतुल कटियार, पंकज तिवारी, अभिषेक द्विवेदी आदि
मौजूद थे।