कन्नौज। कोरोना के चक्कर में नौनिहालों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। यह ऐसे समय हो रहा जब इनकी इम्युनिटी के लिए घातक तीसरी लहर आने वाली है। दरअसल सात जानलेवा बीमारियों से बच्चों को बचाने के लिए मिशन इंद्रधनुष के टीके चार माह से नहीं लग रहे हैं। कहीं एएनएम की कोविड में ड्यूटी लगी है तो कहीं यह इलाके में नहीं पहुंच रहीं। इससे चार माह से सुरक्षा कवच टूट गया है।
वर्ष 2020 में जिले में टीकाकरण का कार्य किया गया था। कोरोना संक्रमण के चलते 39732 बच्चों को इसका लाभ मिला था। शासन से लक्ष्य 50 हजार से अधिक का रखा गया था। कोरोना संक्रमण ने तेजी पकड़ी तो टीकाकरण करने वाली एएनएम और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की ड्यूटी कोविड में लगा दी गई। इससे बच्चों का टीकाकरण रुक गया। अब हाल यह है कि बच्चों को टीके नहीं लग रहे हैं। ज्यादातर एएनएम सेंटरों के ताले नहीं खुलते हैं। वहीं सरकारी अस्पतालों और एएनएम सेंटर के बंद हो जाने से महिलाओं के प्रसव घर में हुए। इससे बच्चों को जन्म के समय दिया जाने वाला बीसीजी का टीका नहीं लगा। यह टीका तपेदिक या टीबी रोग से निजात दिलाता है। जिले में कोरोना अभी पूरी तरह से नहीं थमा है। इसके बाद भी कुछ सेंटरों पर टीकाकरण शुरू किया गया है। बेहतर नतीजे नहीं मिल रहे हैं।
इन बीमारियों से बचाने के लिए लगते हैं टीके
- बीसीजी: तपेदिक, टीबी।
- पेंटा: काली खांसी, डिप्थीरिया, टिटनेस, निमोनिया, चिकन पॉक्स।
- इंफ्लूएंजा: सर्दी, खांसी, जुकाम।
- एमएमआर: खसरा, रुबैला।
- रोटा वायरस: संक्रमण के लिए।
- न्यूमोकोकल: निमोनिया के लिए।
- पोलियो: विकलांगता से बचाने के लिए।
- हीमोफिलस बी: हेपेटाइटिस से बचाने के लिए।
कोरोना काल में बच्चों को टीके लगना जरूरी
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुरेश यादव का कहना है कि कोरोना संक्रमण चल रहा है। इससे जरूरी है कि बच्चों को सभी टीके समय से लगें। टीका बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को तेज करता है। इससे बैक्टीरिया बच्चों को अपनी गिरफ्त में नहीं ले पाते हैं।
एएनएम के खाली होने पर टीकाकरण किया जा रहा: डॉ. गीतम सिंह
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. गीतम सिंह का कहना है कि जिले में टीकाकरण का काम शुरू हो गया है। एएनएम के खाली होने पर टीकाकरण किया जा रहा है। छूटे बच्चों को खोज कर टीके लगाए जा रहे हैं। कुछ दिन के बाद विशेष टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा। इसमें सभी को टीके लगाए जाएंगे।