पीएसएम डिग्री कालेज में छात्रसंघ महामंत्री अजय शर्मा को पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष रामआसरे विश्वकर्मा ने पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस दौरान महाविद्यालय में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले मेधावियों व खेलकूद में स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राएं सम्मानित किए गए।
मुख्य अतिथि रामआसरे विश्वकर्मा ने कहा कि छात्रसंघ के साथ शैक्षिक माहौल को सुधारने की जरूरत है। छात्रसंघ महाविद्यालय प्रशासन से बिगड़ी बात बनाने के लिए माध्यम का कार्य करता है। कहा कि राजनीति में पढ़-लिखे लोगों की बेहद जरूरत है। यदि अच्छे लोगों का राजनीति से मोह भंग हो जाएगा, तो दूसरे लोग कब्जा कर लेंगे।
देश के सभी नेता छात्रसंघ से ही निकलकर पहुंचे हैं, और देश को नई ऊर्जा देने का कार्य कर रहे हैं। माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री विजय बहादुर पाल ने कहा कि छात्रसंघ दलगत राजनीति में उलझता जा रहा है। छात्राओं से कहा कि वह अपने अभिभावकों की आंखों में धूल न झोंके। पढ़ाई-लिखाई में होशियार बने।
बातचीत का हुनर सीखें, तभी वह तरक्की पा सकेंगी। सदर विधायक अनिल दोहरे ने कहा कि भाजपा के बड़बोलेपन की वजह से दिल्ली में लोगों ने दुत्कारने का कार्य किया है। छिबरामऊ विधायक अरविंद यादव ने कहा कि राजनीति में अच्छे लोगों को आना व पढ़े-लिखे युवाओं को आगे आना चाहिए। इससे समाज को नई ऊर्जा मिलेगी।
छात्रसंघ प्रभारी डा.लालचंद्र शर्मा ने कहा कि युवा सकारात्मक सोच से समाज में बदलाव लाएं। अपनी भूमिका का निर्वाहन स्वयं तय करें। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष नवाब सिंह यादव ने कहा कि महाविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव की बदौलत ही डबलपमेंट हुआ है और आगे भी होगा।
पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष संजू कटियार, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष वीरपाल यादव, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष इंद्रेश यादव ने भी विचार व्यक्त किए। इससे पहले छात्र नेता संजय दुबे, मो.नासिर, मोना यादव, रवींद्र यादव, संतोष चतुर्वेदी, बंटी ठाकुर, निष्कर्ष कटियार, शैलू कटियार, सोमू दुबे, अवनीश द्विवेदी, चंद्रभान यादव, एतिशाम हुसैन बिल्लू ने भारी भरकम माला पहनाकर स्वागत किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो.सुशील राकेश व संचालन डा.कृष्णकांत द्विवेदी ने किया। इस मौके पर पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष महेश यादव, अनुज मिश्र कक्का,पूर्व पालिका अध्यक्ष मो.हाजी रईस सहित अन्य छात्र नेता मौजूद रहे।
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गरीब छात्रों के लिए एक लाख की घोषणा
शपथ ग्रहण समारोह में पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष नवाब सिंह सहित अन्य पदाधिकारियों ने छात्रसंघ प्रभारी को एक लाख रुपये दिए जाने की घोषणा की। कहा कि उक्त धनराशि उन छात्रों पर खर्च की जाएगी, जिनके पास पढ़ाई के लिए रुपया नहीं है।
प्राचार्य के न आने पर खड़ा हुआ विवाद
शपथ ग्रहण समारोह में महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. सुनीति मिश्रा के शामिल न होने पर तरह-तरह की चर्चा रही। आयोजकों ने कहा कि उनको कार्यक्रम के लिए बुलाया गया, लेकिन वह जानबूझकर नहीं आई। जबकि पिछली बार अध्यक्ष पद के आयोजित हुए शपथग्रहण में उन्होंने स्वयं अध्यक्षता की थी।
प्राचार्य दो गुटों को धड़ों में बांटने का कार्य कर रही हैं। छिबरामऊ विधायक अरविंद सिंह यादव तो यहां तक कह गए कि कार्यक्रम में नहीं आने पर प्राचार्य के खिलाफ शासन को हटाए जाने का प्रस्ताव भेजा जाए। इस मुद्दे पर जब प्राचार्य से वार्ता की गई तो उनका कहना था कि उनको केवल यह बताया गया कि दस फरवरी को शपथग्रहण समारोह है।
अतिथियों के नाश्ता कराए जाने की बात कही गई थी। सौ लोगों के नाश्ते का प्रबंध करा दिया गया था। शपथग्रहण में आने के लिए कोई आमंत्रण पत्र भी नहीं भेजा गया न ही मोबाइल के जरिए किसी भी पदाधिकारी ने आने को कहा। उनके निर्देश पर ही महाविद्यालय का पूरा स्टाफ व्यवस्था में लगा था।