चुनाव ड्यूटी कटवाने के लिए बच्चे के साथ महिला मतदान कर्मी सीडीओ से गुहार लगाती हुई। संवाद
- फोटो : KANNAUJ
कन्नौज। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की ड्यूटी में खामियां सामने आ रही हैं। दिव्यांग और गर्भवती शिक्षिकाओं की चुनाव ड्यूटी लगा दी गई। यह पहले से प्रसवकालीन अवकाश पर हैं। पोलिंग पार्टियों के प्रशिक्षण में शिक्षक नेताओं और मतदान कार्मिकों ने इस पर आपत्ति दर्ज कराई। सीडीओ ने जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
नगर पालिका छिबरामऊ में सफाई कर्मी शमशाद के करीब एक साल पहले हादसे में दोनों पैरों कमजोर हो गए थे। इन्हें चलने के लिए व्हील चेयर का सहारा लेना पड़ता है। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में इनकी ड्यूटी लगा दी गई। ड्यूटी मिलने के बाद यह पीएसएम डिग्री कालेज पहुंचे। यहां सीडीओ आरएन सिंह को समस्या बताई।
उन्होंने ड्यूटी काटने का आश्वासन दिया। वहीं बेसिक टीचर्स वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष राम नारायण बौद्ध ने बताया कि शिक्षिका सुधारानी और प्रीती वर्मा प्रसवकालीन, शशि प्रभा मेडिकल अवकाश पर हैं। इनकी भी ड्यूटी लगा दी गई। इसके अलावा सुनीता, गायत्री व शगुफ्ता मिर्जा की पीठासीन अधिकारी पद पर ड्यूटी लगा दी गई। यह महिला शिक्षिकाएं पीठासीन अधिकारी के दायित्वों का पालन नहीं कर पाएंगी।
वहीं प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रतिनिधि मंडल ने सीडीओ से मुलाकात की। इस दौरान बीमार शिक्षकों, गर्भवती शिक्षिकाओं और पति-पत्नी की चुनाव ड्यूटी लगाने की समस्या बताई गई। सीडीओ ने जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया। वहीं किसान इंटर कालेज तिर्वा के प्रधानाचार्य समेत सफाई कर्मी को चुनाव में मतदान कार्मिक तीन बनाया गया है। प्रधानाचार्य ने बताया कि इससे पहले उन्हें पीठासीन अधिकारी या मतदान अधिकारी-एक बनाया जाता रहा है।
सीडीअओ व बीएसए को महिला पीठासीन अधिकारी पद से हटाने की मांग करते हुए ज्ञापन सौपते शिक्षक नेता। सं- फोटो : KANNAUJ