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दर्जनभर वाहन मालिक लपेटे में आए

Fri, 27 Nov 2015 12:03 AM IST
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
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जलालाबाद और कन्नौज ब्लाक क्षेत्रों में 28 नवंबर को होने वाले मतदान के लिए प्रशासन ने वाहनों की व्यवस्था कर ली है। अधिगृहीत वाहन न लाने वाले एक दर्जन वाहन स्वामियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए जिलाधिकारी को पत्र भेजा गया है।
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एआरटीओ राहुल श्रीवास्तव ने बताया कि जलालाबाद और कन्नौज विकास खंड क्षेत्रों में पंचायत चुनाव के लिए 92 बस, ट्रक और डीसीएम लगाई गई हैं। इसके अलावा 102 बोलेरो को शामिल किया गया है। इन वाहनों पर अधिकारी व पोलिंग पार्टी मतदान स्थल तक भेजी जाएंगी।

कई वाहन अधिगृहीत किए गए थे, पर उनमें एक दर्जन वाहन निर्धारित स्थल पर नहीं पहुंचे। इनमें राम गोपाल चौरसिया निवासी तिर्वा रोड सौरिख, रामदत्त निवासी मोहरी ऊसराहार इटावा, वीरपाल सिंह कुशवाहा निवासी नगला चौधरी, सुशील कुमार निवासी इंदरगढ़, अनुज कुमार निवासी अगौस, प्रवीन कुमार दुबे निवासी नादेमऊ, निजामुद्दीन सरीफुद्दीन निवासी अगौस, शिवपाल सिह निवासी शंकरपुर रोड अंबेडकर नगर सौरिख, देवेंद्र कुमार निवासी मंडी बाजार तिर्वागंज।
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सुभाष चंद्र निवासी जगतपुर इंदरगढ़, संजू सिंह निवासी नंदग्राम लोकपुर, अखिलेश कुमार निवासी शंकरपुर लोकपुर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए लिखापढ़ी की गई है। एआरटीओ ने बताया कि इनके वाहन सुबह 10 बजे मंगाए गए थे, पर देर शाम तक ये वाहन स्वामी अपने वाहन लेकर नहीं आए।

उधर, शाम के समय सभी वाहनों में डीजल डालने की व्यवस्था डीएसओ की ओर से की गई। वहीं कलक्ट्रेट में चुनाव ड्यूटी लेने के लिए वाहन स्वामियों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। आयुध लिपिक कार्यालय में कर्मचारियों की संख्या कम होने के कारण वाहन की ड्यूटी लेने के दौरान अफरातफरी मची रही।

उधर, गुरुवार को कलक्ट्रेट स्थित पंचास्थानीय चुनाव कार्यालय में अफरातफरी मची रही। कर्मचारियों की संख्या कम होने से वोटर लिस्ट देने का काम बार-बार बाधित होता रहा। भीड़ अधिक होने के कारण धक्कामुक्की भी होती रही। सुबह से ही वोटर लिस्ट की प्रति लेने के लिए उम्मीदवार व उनके समर्थकों का मजमा लगना शुरू हो गया।

वहीं मतदान केंद्र बदलवाने वाले भी चक्कर काटने लगे। इससे चुनाव कार्यालय के अंदर बैठे चुनावी कार्य कर रहे कर्मचारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सहायक निर्वाचन अधिकारी ने बार-बार दफ्तर के अंदर घुसकर खड़े हुए लोगों को बाहर निकलवाया, पर भीड़ आने का सिलसिला पूरे दिन चलता रहा।
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