कन्नौज। ठंड में कुत्ते हिंसक हो गए हैं। एक माह में 1235 को कुत्तों ने अपना शिकार बना लिया। यह आंकड़े कुत्ता काटने के बाद जिला अस्पताल पहुंचे मरीजों के हैं। अन्य अस्पतालों और क्लीनिक में इलाज कराने वालों की संख्या जोड़ी जाए तो आंकड़ा और बढ़ जाता है। चिकित्सकों का कहना है कि ठंड में कुत्तों के स्वभाव में बदलाव आने से ऐसा हुआ है।
चिकित्सक बताते हैं कि ठंड में कुत्ते हिंसक हो जाते हैं। वह सामने पड़ने वालों को काट लेते हैं। सबसे अधिक हमला बच्चों व महिलाओं पर करते हैं। जिला अस्पताल के चिकित्सक मनोज सिंह ने बताया कि सर्दी में कुत्तों के काटने से जख्मी मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। इसका कारण है कि सर्दी में ग्रामीण क्षेत्रों में खुले में अलाव जलते हैं। ठंड से परेशान कुत्ते भी आग की गर्माहट पाने को पहुंच जाते हैं। अंधेरे के कारण कई बार बच्चों या अन्य लोगों का पैर कुत्तों पर पड़ जाता है। इससे वह काट लेते हैं। गर्मियों में इन मरीजों की संख्या घटकर आधी रह जाती है। पांच से छह सौ मरीज ही एक माह में आते हैं।