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‘रेफर स्लिप बिना अल्ट्रासाउंड न करें’

Tue, 08 Dec 2015 11:59 PM IST
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
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सीएमओ कार्यालय में प्यारी बिटिया योजना के तहत निजी अल्ट्रासाउंड सेंटरों के संचालकों की बैठक ली गई। इसमें कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए गए। मनमानी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के आदेश जारी किए गए।
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कार्यक्रम के नोडल अधिकारी एवं अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. राम मोहन तिवारी ने मंगलवार को निजी अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालकों की बैठक ली। इसमें निर्देश दिए कि सभी संचालक अपने-अपने यहां बोर्ड लगाएं। इसमें स्पष्ट लिखें कि यहां भ्रूण लिंग की जांच नहीं की जाती है।

उन्होंने बताया कि जांच करते पकडे़ गए तो जांच करने वाले और जांच करवाने वालों पर 50 हजार रुपये का जुर्माना व छह महीने की कैद का प्रावधान है। इसके अलावा विभाग की ओर से डाक्टर का रजिस्ट्रेशन कैंसल किया जाएगा। साथ ही एमसीआई से नाम भी काट दिया जाएगा।
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उन्होंने बताया कि बिना रजिस्ट्रेशन कराए अल्ट्रासाउंड का संचालन किसी भी दशा में न करें। किसी भी गर्भवती महिला मरीज की रिफर स्लिप लेने के बाद ही उसका अल्ट्रासाउंड करें। फार्म एफ पर महिला की पूरी डिटेल के अलावा रेफर करने वाले डाक्टर के हस्ताक्षर व अल्ट्रासाउंड करने वाले डाक्टर के हस्ताक्षर कराए जाएं।

यह फार्म प्रतिमाह सीएमओ कार्यालय में जमा किया जाए। कहा कि जिस गर्भवती महिला का अल्ट्रासाउंड किया जाए उसे प्यारी बिटिया डाटकाम पर अपलोड भी किया जाए। इसके अलावा गर्भवती महिला की आईडी ली जाए। इमरजेंसी होने पर महिला की फोटो को मोबाइल में कैद कर लें। इसके बाद दूसरे दिन उसकी आईडी मंगवा लें।

निजी नर्सिंग होम में महिला डाक्टर द्वारा रेफर स्लिप देने के बाद ही अल्ट्रासाउंड किया जाए। रजिस्टर में हर मरीज का सीरियल नंबर अंकित किया जाए। बाद में सभी अल्ट्रासाउंड सेंटरों के संचालकों की बैठक डीएम स्वयं लेंगे। इस मौके पर डा. एसके कटियार, राजेश पांडेय, मनोज अवस्थी, मुकेश सिंह, अशोक कुमार समेत पीसीपीएन डीटी सहायक पवन मौजूद थे।
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