गांव ढिपारा में ग्राम समिति के तत्वावधान में आयोजित
दुर्गा जागरण में बाहर जनपदों से आए कलाकारों ने पूरी रात भक्त गीतों का
रसपान कराया। कार्यक्रम के दौरान पेश की गई झांकियां लोगों का आकर्षण का
केंद्र रहीं। उधर, जसोदा कस्बे में शनिवार को मूर्ति विसर्जन यात्रा धूमधाम
से निकाली गई।
यात्रा में मुस्लिमों ने शामिल होकर हिंदू-मुस्लिम भाईचारे
की मिसाल पेश की। गोपेश्वर नाथ मंदिर के समीप बने पंडाल में खीरी से
भाजपा के पूर्व सांसद डॉ. जीएल कनौजिया व उनकी पत्नी कमला ने गणेश व मां
अंबे की आरती उतार कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
राजू म्यूजिकल ग्रुप के
अलीगढ़ के कलाकार सोनू तिवारी ने चलो बुलावा आया है मैया ने बुलाया है गीत
पर वाहवाही लूटी। वहीं लखनऊ की रीनाराय तिवारी ने चुनरिया लाल लाई भवानी
तेरे लिए के अलावा हास्य गीत गाया। इसमें बेटियों को पराया न समझो, पढ़ाया
करो। अल्ट्रासाउंड कराया न करो।
वहीं इलाहाबाद के कलाकार राकेश पांडेय ने
मैया का चोला रंग लाल लाल गाकर भीड़ को भक्तिमय माहौल से ओतप्रोत कर दिया।
गीतकारों ने भजन गाकर तालियां बटोरी। पूरी रात चले कार्यक्रम में राजू ने
उड़ते हुए हनुमान, मां काली, बरसाने की होली, राधा-कृष्ण, माखन चोर समेत कई
झांकियां पेश कर लोगों का मनमोह लिया।
देवी गीतों को सुनने को आसपास
के कई गांव के ग्रामीण सैकड़ों की संख्या में महिलाएं, युवा व बच्चों ने
आनंद लिया। इस मौके पर वीरपाल, शेरपाल, संतोष कुमार, संतराम, नंदकिशोर,
राजीव, रामलडै़ते, शोभित, सर्वेश, संजू, रामखिलावन, गिरीशचंद्र के अलावा
शांति व्यवस्था के लिए अमोलर चौकी प्रभारी छेदीलाल वर्मा मौके पर डटे रहे।
उधर, जसोदा कस्बे में मूर्ति विसर्जन यात्रा धूमधाम से निकाली गई। विसर्जन
यात्रा से पहले सभी मूर्तियों को ट्रैक्टरों को सजाकर रखा गया। गमादेवी
मंदिर से शुरू हुई शोभायात्रा किसवापुर रोड, जीटी रोड, पश्चिमी रेलवे
क्रासिंग व गंगा रोड से कुसुमखोर घाट तक पहुंची। गंगा रोड पर हाजी इस्माइल
खां, ईशहाक खां, फूलखां, गुलाम मोहम्मद, मोहम्मद आसिफ, मोहम्मद सत्तार,
मोहम्मद शहजादे, मोहम्मद मुस्ताक आदि ने शोभायात्रा में शिरकत की।
इस
मौके पर हाजी खां ने कहा कि हिंदू-मुस्लिम भाइयों को आपसी भाईचारा बनाए
रखना चाहिए। उन्होंने जिले में अमनचैन कायम होने की दुआ भी की। भाजपा नेता
गोपाल त्रिपाठी ने कहा कि यहां हिंदू-मुस्लिम आपसी भाईचारे से रहते हैं।
भाईचारे से ही बच्चों का भविष्य सुधार सकते हैं। दंगा-फसाद से किसी भी
समुदाय को कोई लाभ नहीं होगा।
इसके पूर्व शोभायात्रा में शामिल झांकियों के
पात्रों द्वारा किए गए प्रदर्शन को देख लोग मंत्रमुग्ध हो गए। शोभायात्रा
श्यामनगला, कूल्हापुर, जसौरा, गोसाईंदासपुर आदि गांव से होते हुए कुसुमखोर
घाट पर पहुंची, जहां मां की मूर्तियां विसर्जित की गईं। इस मौके पर बबलू
कटियार, वैसावारी प्रधान विनय कटियार, हरिशरण प्रजापति, मलिक पांडेय, निखिल
तिवारी, शुभम तिवारी, रावेंद्र कठेरिया, नीरज कुशवाहा आदि मौजूद थे।