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बैंक ड्राफ्ट न बनने से नहीं भेजे जा सके डीएनए सैंपल

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घटनास्थल पर पड़ा ट्रक का मलबा। - फोटो : CHIBRAMAU
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कन्नौज। बस हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान अफसरों की लापरवाही के कारण अटकी हुई है। डीएनए जांच का मामला पेचीदा होने के कारण लखनऊ स्थित विधि विज्ञान प्रयोगशाला ने जांच करने से हाथ खड़े कर दिए हैं। सैंपल हैदराबाद भेजने की सलाह दी है। हैदराबाद सैंपल भेजने के लिए पुलिस को 6100 रुपये के छह बैंक ड्राफ्ट बनवाने थे। वह बनवा नहीं सकी। अब शुक्रवार से रविवार तक तीन दिन तक बैंक बंद होने से ड्राफ्ट नहीं बन सकेंगे। यानी सोमवार को ड्राफ्ट बनने के बाद संभवत: मंगलवार तक सैंपल को हैदराबाद के लिए रवाना किया जाएगा।
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10 जनवरी को कन्नौज के घिलोई गांव में हुए बस हादसे में जान गंवाने वाले आठ लोग ऐसे हैं, जिनकी शिनाख्त के लिए डीएनए जांच कराई जा रही है। इनकी शिनाख्त के लिए परिजनों के सैंपल 16 जनवरी को जिला अस्पताल में लिए गए थे। 17 जनवरी को इन सैंपलों को लखनऊ स्थित विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा गया था। वहां से उसी दिन इन्हें फार्म पूरा न भरा होने से वापस भेज दिया गया था। इसके बाद पुलिस ने फार्म पूरा भरवाकर सैंपल को 20 जनवरी को फिर लखनऊ भेजा। तब यह कहकर इन्हें वापस कर दिया गया कि सैंपलों की जांच अधिक पेचीदा है। ज्यादा आधुनिक तकनीक उनके पास न होने से इनकी जांच हैदराबाद में ही संभव है।
सैंपल वापस आने के बाद हैदराबाद भेजने की तैयारी की गई तो जानकारी हुई कि सैंपल के साथ 6100 रुपये के छह यानी 36600 रुपये के बैंक ड्राफ्ट भी लगेंगे। चार-पांच दिन पुलिस ने बैंक ड्राफ्ट बनवाने की सुध नहीं ली। अब शुक्रवार से बैंकों में हड़ताल चालू हो गई है। इससे बैंक अब सोमवार को खुलेंगी। यानी इसके बाद ही सैंपल को हैदराबाद भेजना संभव हो सकेगा।
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हैदराबाद की विधि विज्ञान प्रयोगशाला में डीएनए सैंपल भेजने के लिए 6100 रुपये के छह बैंक ड्राफ्ट की जरूरत है। इन्हें पुलिस को ही बनवाना है। बैंक ड्राफ्टों को बैंकों में हड़ताल के कारण अभी नहीं बनवाया जा सका है। सोमवार को यह बनकर तैयार हो जाएंगे। इसके बाद डीएनए सैंपल हैदराबाद के लिए रवाना कर दिए जाएंगे।
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-अमरेंद्र प्रसाद सिंह, पुलिस अधीक्षक।
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