जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने सोमवार को प्राथमिक विद्यालय कुसुमखोर स्थित तीन आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान आंगनबाड़ी सुनीता देवी के केंद्र पर 60 बच्चों में 15 नदारद मिले। वहीं विनीता के केंद्र पर 62 में 35 बच्चे मौजूद मिले।
दिसंबर माह के बच्चों की ग्रोथ भी रजिस्टर पर अंकित नहीं मिली। वजन मशीन भी खराब मिली। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए मौजूद सीडीपीओ निर्मला गौतम को जमकर फटकार लगाई।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए किए आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत बच्चों को नियमित बुलाया जाए। गर्भधात्री को पंजीरी व कुपोषित बच्चों को चिन्हित कर विशेष देखभाल का निर्देश दिया। सुपरवाइजर सरमन देवी नदारद मिलीं। गांव निवासी कल्लू गुप्ता ने पुष्टाहार न वितरित किए जाने व पंजीरी की कालाबाजारी की शिकायत की।
इसके बाद मुन्नी देवी के आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया। यहां पर पंजीकृत 55 में आधे से अधिक गायब मिले। बच्चों के अनुपस्थित पाए जाने पर डीएम ने नाराजगी जताई।
उन्होंने प्राथमिक विद्यालय व पूर्व माध्यमिक विद्यालय का भी निरीक्षण किया गया। टीचर इरशाद के अवकाश की स्वीकृति न देखकर एबीएसए विनीता दुबे को कड़े निर्देश दिए। बच्चों की कम उपस्थिति पर भी नाराजगी जताई। इस दौरान सर्वेश व अनीस ने जिलाधिकारी से गांव निवासी तालिब के खिलाफ आवास दिलाने के नाम पर दो-दो हजार रुपये धन उगाही की शिकायत की।
इस मौके पर प्रधान चंद्रप्रकाश, बीडीओ एके पांडेय, सचिव अश्विनी कुमार, पिछड़ा वर्ग अधिकारी राजेश बघेल, डीपीओ राजीव सिंह, संकुल प्रभारी अशोक सक्सेना मौजूद रहे।