पशु चिकित्सालय की बिल्डिंग की मरम्मत करवाता ठेकेदार।
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शहर के पूर्वी बाईपास पर स्थित राजकीय पशु चिकित्सालय में नवनिर्मित मीटिंग हाल की बिल्डिंग हस्तांतरण होने से पहले ही चटक गई थी। इसकी खबर अमर उजाला ने एक अप्रैल को प्रमुखता से प्रकाशित की थी। इसका असर यह हुआ कि डीएम ने मामले को संज्ञान में लेकर कार्यदायी संस्था को फटकार लगाई और बिल्डिंग की मरम्मत कराने के निर्देश दिए। शासन के निर्देश पर शहर के राजकीय पशु चिकित्सालय में लगभग 8.50 लाख रुपये कीमत से मीटिंग हाल का निर्माण कराया गया है।
इसका निर्माण फर्रूखाबाद की कार्यदायी संस्था द्वारा किया जा रहा है। निर्माण के दौरान मानकों की अनदेखी के कारण हैंडओवर से पहले ही मीटिंग हाल की बिल्डिंग कई जगह चटक गई। इस गोलमाल को लेकर अमर उजाला ने एक अप्रैल के अंक में फोटो सहित समाचार प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
इसके बाद जिलाधिकारी जगदीश ने कार्यदायी संस्था के अधिकारियों फटकार लगाई। असर यह हुआ कि अधिकारियों के निर्देश पर ठेकेदार ने चटकी बिल्डिंग की मरम्मत करानी शुरू कर दी। कार्यदायी संस्था के ठेकेदार संतोष कुमार ने बताया कि लेंटर डालने के दौरान मजदूरों द्वारा सरिया के जाल को उठाया नहीं गया था।
इस कारण छज्जा के पास से बिल्डिंग में कुछ दरार पड़ गई थी। दो बीम डालकर उसकी मरम्मत कर दी गई है। ठेकेदार ने बताया कि राजकीय पशु चिकित्सालय के उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ.डीएन लवानिया ने छज्जे की मजबूती के लिए दो पिलर बनाए जाने की बात कही है। ऐसे में और अधिक मजबूती के लिए दो पिलर भी बनाए जा रहे हैं।