तिर्वा। प्राथमिक विद्यालय में 24 माह से मॉडल शौचालय अधूरा देख डीएम ने जिम्मेदार कर्मचारियों को फटकार लगाई। डीएम के सख्त रुख के चलते 24 घंटे बाद अधूरे शौचालय का निर्माण शुरू करा दिया गया।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत सरकार ने गांवों में लोगों को शौचालय उपलब्ध कराए हैं। इसके साथ ही जगह-जगह मॉडल शौचालय की स्थापना कराई गई। उमर्दा विकास खंड के महसौनापुर गांव के प्राथमिक विद्यालय में छात्र-छात्राओं के लिए परिसर में एक मॉडल शौचालय का निर्माण होना था। ग्राम प्रधान ने 24 माह पहले मॉडल शौचालय का निर्माण शुरू कराया था। यह करीब दो लाख से अधिक धनराशि में बनना था। कई बार प्रधानाध्यापक वैभव राजपूत ने शौचालय निर्माण को लेकर अधिकारियों से शिकायत की। इसके बाद भी अधूरे पडे़ शौचालय की ओर किसी का ध्यान नहीं गया। शनिवार को निरीक्षण के दौरान डीएम राकेश कुमार मिश्रा ने अधूरे शौचालय पर नाराजगी व्यक्त की। ग्राम प्रधान समेत सचिव व बीडीओ को फटकार लगाकर जल्द शौचालय पूर्ण करने के निर्देश दिए। डीएम की फटकार के बाद सोमवार सुबह शौचालय का निर्माण शुरू करा दिया।
तिर्वा। जिलाधिकारी ने प्राथमिक स्कूल महसौनापुर में अधूरे पड़े मॉडल स्कूल को लेकर नाराजगी व्यक्त की थी। रविवार शाम स्कूल पहुंचे डीपीआरओ जितेंद्र मिश्रा ने अधूरे पड़े शौचालय का निरीक्षण किया। उन्होंने वॉल पेंटिंग देखी। प्रधानाध्यापक वैभव राजपूत ने बताया कि स्कूल में उनकी तरफ से अच्छी पेंटिंग कराई गई है। इससे विद्यालय मॉडल लगे। निरीक्षण को आए डीपीआरओ ने उनसे कहा कि जब शौचालय नहीं था तो छात्र व शिक्षक कहां जाते कहां जाते हैं। साथ ही आरोप लगाया कि वॉल पेंटिंग देखकर बोले, विद्यालय की दीवारें ऐसी लग रहीं जैसे करवाचौथ हो। प्रधानाध्यापक ने सोमवार को विद्यालय प्रबंध समिति की बैठक कर डीपीआरओ के कथन की निंदा की। प्रधानाध्यापक ने बताया कि डीपीआरओ की शिकायत जिलाधिकारी व सीएम पोर्टल पर करेंगे। वहीं डीपीआरओ जितेंद्र मिश्रा ने आरोपों को खारिज किया है।