कन्नौज। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में फर्जी आवेदन के मामले में काफी तूल पकड़ लिया है। इस प्रकरण में आवेदन करने वाली युवती ने गुरुवार को अपनी गलती स्वीकार कर ली है। हालांकि, फर्जी आवेदन कराने के आरोप में युवती के जीजा पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है, जो डीएम आवास पर चतुर्थश्रेणी कर्मी के तौर पर कार्यरत है।
समाज कल्याण अधिकारी वेद प्रकाश मिश्रा ने बताया कि ब्लॉक जलालाबाद के एक गांव की युवती ने पत्र लिखकर माफी मांगी है। युवती ने अपने बयान में कहा कि माता-पिता बीमार हैं और वह उनके इलाज के लिए पैसों के लालच में आकर इस फर्जीवाड़े में शामिल हो गई थी। जांच में यह भी सामने आया है कि युवती का आवेदन डीएम आवास पर चतुर्थश्रेणी में कार्यरत उसके जीजा ने कराया था। चतुर्थश्रेणी कर्मी की भूमिका के संबंध में पूछे जाने पर बताया कि इस पूरे मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों और समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण को दे दी गई है। जांच पूरी होने और ऊपर से आदेश मिलने के बाद प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।
इस बीच युवती की मौसी और युवक नीतू कुमार की मां ने भी डीएम आवास के कर्मी पर धोखाधड़ी के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि डीएम आवास के कर्मी वेदप्रकाश पहले भी कुछ लोगों के साथ धोखाधड़ी कर चुका है। उनका कहना है कि वेद प्रकाश ने दो बच्चों के पिता नीतू कुमार को भी नहीं बख्शा और पैसों के लालच में उसके और उसके बच्चों के भविष्य को खतरे में डालने की कोशिश की। इसके बावजूद वेदप्रकाश ने उनके नाम से आवेदन कर दिया और पत्नी का मोबाइल नंबर भी उसमें दर्ज करा दिया। दूसरी ओर, न्याय की गुहार लगाते हुए नीतू कुमार और पत्नी रोली अपने दो बच्चों के साथ अधिकारियों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। वह तिर्वा कोतवाली, महिला थाना, पुलिस कार्यालय और कलेक्ट्रेट तक जा चुके हैं, लेकिन उनके नाम पर हुए इस फर्जीवाड़े की कहीं सुनवाई नहीं हो रही है।
वर्जन
सामूहिक विवाह योजना में फर्जी पंजीकरण मामले की जांच समाज कल्याण अधिकारी और उपायुक्त एनआरएलएम को दी गई है। दोनों अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
-आशुतोष मोहन अग्निहोत्री, जिलाधिकारी