कन्नौज। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में सरकारी धन के लालच में दो बच्चों का पिता मौसेरी बहन के साथ सात फेरे लेने पहुंच गया था। जांच में खुलासा हुआ है कि इस फर्जीवाड़े का पंजीकरण डीएम आवास में तैनात एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के मोबाइल नंबर से किया गया था। वह आरोपी कथित तौर पर युवती का जीजा बताया जा रहा है।
तिर्वा कस्बे के आंबेडकर नगर निवासी युवक जो कि दो बच्चों का पिता है। उसने गुरसहायगंज की रहने वाली अपनी एक रिश्तेदार युवती जो कथित तौर पर उसकी मौसेरी बहन बताई जा रही है के साथ धन राशि हड़पने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए थे। सोमवार को फेरों से पहले सीडीओ रामकृपाल चौधरी को किसी ने इसकी शिकायत कर दी थी। अधिकारियों के संज्ञान में आते ही युवक और युवती मौके से रफूचक्कर हो गये। बताया जा रहा है कि फिलहाल युवक घर पर ताला लगाकर फरार है।
मंगलवार को जब सीडीओ ने समाज कल्याण अधिकारी वेद प्रकाश मिश्रा को मामले की जांच करने भेजा तो पड़ताल में चौंकाने वाला तथ्य सामने आया। शादी के लिए जिस मोबाइल नंबर से पंजीकरण हुआ और जिस पर ओटीपी आया, वह डीएम कार्यालय में तैनात एक कर्मचारी का बताया जा रहा है। हालांकि पूछताछ में कर्मचारी ने सफाई दी कि मोबाइल उसकी पत्नी के पास रहता है और साली के पास फोन न होने के कारण उसका नंबर इस्तेमाल हुआ। इस पूरे मामले ने समाज कल्याण विभाग और ग्राम सचिव की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बिना पड़ताल के अपात्रों का सत्यापन कैसे कर दिया गया, इसकी जांच की जा रही है। सीडीओ ने स्पष्ट किया है कि जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी और लापरवाह कर्मचारियों पर भी कड़ी कार्रवाई होगी।
पत्नी ने लगाया पति को फंसाने का आरोप
मामले में मंगलवार को एक नया मोड़ सामने आया जब आरोपी युवक की पत्नी तिर्वा कोतवाली पहुंची और पुलिस को तहरीर दी। उसने बताया कि कर्मचारी और उसकी साली ने धोखे से उसके पति का आधार कार्ड लिया था। आरोप है कि पति को 20 हजार का लालच देकर इस साजिश में फंसाया गया है। एसपी विनोद कुमार ने बताया कि मामले में अभी विभागीय जांच की जा रही है। अगर जांच में पुलिस संबंधित कोई मामला बनता है या तहरीर आती है तो इसपर कार्रवाई की जाएगी।