तहसील सभागार में शुक्रवार दोपहर डीएम ने बार एसोसिएशन के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ दिलाई। इस दौरान उन्होंने कहा कि दया और सहानुभूति अधिवक्ता के पेशे का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है।कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि डीएम अनुज कुमार झा ने कहा कि अधिवक्ता का पेशा एक आदर्श व्यवसाय के रूप में है।
वकीलों का दायित्व है कि वादकारियों को सस्ता व सुलभ न्याय मिल सके। प्रदेश भर की विभिन्न राजस्व अदालतों में लंबित लाखों मुकदमों की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि कारण चाहें कुछ भी हो, पर जिन मुकदमों का निस्तारण छह माह में हो जाना चाहिए।
उनके निस्तारण में बारह वर्ष से अधिक का समय लग जाता है। उन्होंने कहा कि समय पर न्याय के लिए अधिवक्ता हड़तालों से बचे। वकीलों द्वारा उठाई गई मांग पर उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि तिर्वा तहसील से संबंधित चकबंदी के मामलों का ट्रायल तिर्वा तहसील में ही होगा। साथ ही अधिवक्ताओं के लिए प्रस्तावित सभागार भवन का जल्द निर्माण शुरू कराने के प्रयास करेंगे।
पूर्व ब्लाक प्रमुख नवाब सिंह यादव ने कहा कि दूर-दराज ग्रामीण अंचलों से आने वाली गरीब जनता को सही न्याय व उचित कानूनी सलाह मिल सके। इसका दायित्व अधिवक्ताओं पर है। एसडीएम महेश चंद्र शर्मा ने कहा कि बार व बेंच के मध्य बेहतर सामंजस्य है।
यदि कभी विवाद की नौबत आई तो मिल बैठकर समस्या का हल निकाल लिया जाएगा। वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश श्रीवास्तव व सुधीर यादव ने उप निबंधक कार्यालय के लिए जमीन व बजट तथा निर्माणाधीन उप कोषागार का निर्माण जल्द पूरा कराने, पुलिस क्षेत्राधिकारी कार्यालय को जल्द तहसील परिसर में शुरू कराने की मांग उठाई।
कार्यक्रम को पूर्व अध्यक्ष संजय शुक्ला, ब्रजेश शुक्ला, कमलेश पाल, नीरज त्रिपाठी, अजय चतुर्वेदी, हरीशंकर राजपूत, सतीश राजपूत, बलवीर सिंह यादव ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम के दौरान डीएम ने नवनिर्वाचित अध्यक्ष अतुल शर्मा व हरवेंद्र सिंह यादव के अलावा महामंत्री, संगठन मंत्री, कोषाध्यक्ष व आडीटर पद पर चुने गए अधिवक्ताओं को शपथ दिलाई।
कार्यक्रम का संचालन इंद्रेश यादव ने किया। इस मौके पर कस्बे के समाज सेवी रेहान वारिसी, वसीम वारिसी, एडवोकेट अनिल वर्मा, पूर्व जिला पंचायत सदस्य शरद यादव, उप निबंधक तिर्वा सहित तहसील के सभी अधिवक्ता मौजूद रहे।