प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक डा. वीएन त्रिपाठी ने शनिवार की दोपहर राजकीय मेडिकल कालेज का औचक निरीक्षण किया। वार्डों में गंदगी और बेड पर फटी चादरें देख नाराजगी जताई। व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए। कई वार्डों में भर्ती मरीजों की तादाद कम मिलने पर प्राचार्य व सीएमएस से मरीजों की संख्या बढ़ाने को कहा। ब्यायज हास्टल का निरीक्षण किया। मेडिकल स्टूडेंट्स को निर्देश दिए कि हाजिरी कम मिलने पर एग्जाम से रोक दिया जाएगा।
डीजीएमई का काफिला दोपहर एक बजे के करीब मेडिकल कालेज पहुंचा। सबसे पहले उन्होंने इमरजेंसी वार्ड का निरीक्षण किया। गायनी वार्ड में शनिवार को जन्मे तीन नवजात शिशुओं की माताओं से जानकारी ली। महिला डाक्टर को काउंटर से नदारद देख नाराजगी जताई। सीएमएस ने बताया कि महिला चिकित्सक प्राचार्य कक्ष में अपनी अटेंडेंस लगाने गई हैं। मेल वार्ड में कई बेड पर फटी चादरें बिछी थी। उन्होंने प्राचार्य व सीएमएस को निर्देश देकर तत्काल चादर बदलवाने को कहा। ब्यायज हास्टल के निरीक्षण में मौजूद एमबीबीएस स्टूडेंट्स से कहा कि क्लास में 80 फीसदी से कम हाजिरी मिलने पर वार्षिक परीक्षाओं से वंचित कर दिया जाएगा।
पैरामेडिकल कालेज में जनवरी से शुरू होेंगे कई ट्रेड
डीजीएमई डा. वीएन त्रिपाठी ने बताया कि जनवरी से राजकीय पैरामेडिकल कालेज में कई कोर्स के क्लास शुरू किए जाएंगे। अभी तक इस पैरामेडिकल कालेज में लैब टेक्नीशियन व एक्सरे टेक्नीशियन के कोर्स शुरू हैं। 80 स्टूूडेंट्स इन दोनों ट्रेडों में पढ़ाई कर रहे हैं। जनवरी से सीटी स्कैन, एमआरआई टेक्नीशियन, ट्रामा ट्रेनिंग टेक्नीशियन, ओटी टेक्नीशियन, फिजियोथेरेपी, ब्लड ट्रांस फ्यूजन के कोर्स शुरू होंगे। निर्माणाधीन कैंसर व हृदय रोग संस्थान में ओपीडी शुरू करने के लिए फर्नीचर, उपकरण खरीद की प्रक्रिया चल रही है। दोनों अस्पतालाें के लिए तीन-तीन डाक्टरों की नियुक्ति कर दी गई है।