फोटो:43: आवास मिलने की आस में बैठे राममोहन तिवारी। संवाद
- फोटो : -खनन परिवहन करने वाले वाहन की जांच करते खनन अधिकारी मफतलाल। स्रोत विभाग
प्रेमपुर। शासन और प्रशासन हर पात्र लाभार्थी को आवास मुहैया कराए जाने का दावा कर रहा लेकिन जमीनी हकीकत कुछ अलग है। गांव में कई सालों से घास के टट्टर में जीवन यापन कर रहे दंपती को योजना का लाभ नहीं मिल सका है। दंपती का आरोप है चुनावी रंजिश के चलते उसका सूची में नाम होने के बाद भी कटवा दिया गया।
मूलरूप से हुमेलपुर निवासी राममोहन तिवारी 30 साल पहले गांव सभा प्रेमपुर में परिवार के साथ आए थे। आशियाना न होने पर वह गांव में झोपड़ी बनाकर रहने लगे। इस दौरान कई सरकारें आई और चली गई लेकिन राममोहन तिवारी के आशियाने में मामूली परिवर्तन हो गया। पहले पूरी तरह से झोपड़ी थी लेकिन अब दीवालें खड़ी हैं लेकिन उसेके ऊपर टट्टर और पॉलिथीन पड़ गई है।
राममोहन तिवारी ने बताया कि पिछली प्रधानी के दौरान उनका नाम आवास योजना की सूची में शामिल था लेकिन नई प्रधानी में चुनावी रंजिश के चलते उनका नाम सूची से हटवा दिया गया। नए प्रधान से कई बार आवास के लिए गुहार लगाई लेकिन सुनवाई नहीं की गई। वहीं प्रधान पुष्पेंद्र शाक्य ने बताया कि नई पात्रता सूची में उनका नाम शामिल करा दिया गया है। बजट आवंटित होते ही उनके खाते में पैसा पहुंच जाएगा।